Breaking

Chhattisgarh Education News: इंस्पायर मानक योजना में चयनित 40 विद्यार्थियों का सम्मान, जापान से लौटे छात्रों ने साझा किए अनुभव

Chhattisgarh 10 October 2026 (8)

post

रायपुर, 10 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इंस्पायर–मानक योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने रायपुर के बीटीआई ग्राउंड परिसर स्थित एससीआरटी भवन के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के 40 विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिलना खुशी की बात है। केंद्र सरकार की यह योजना बच्चों की मौलिक प्रतिभा को पहचानने और उसे आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

Advertisement

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। जरूरत है उसे पहचानने और उचित अवसर देने की। उन्होंने ड्रोन तकनीक, सौर ऊर्जा और दैनिक जीवन में उपयोगी आविष्कारों के उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगभग 80 हजार नवाचारी विचार सामने आए हैं। विद्यार्थियों को नवाचार के साथ पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और अपने आविष्कारों को समाज के लिए उपयोगी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने चयनित विद्यार्थियों को बधाई दी और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने में सहयोग देने वाले अभिभावकों तथा शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

जापान से लौटे विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में जुलाई माह में इंस्पायर–मानक प्रतियोगिता के तहत जापान जाने और वहां सीखने का अवसर प्राप्त करने वाले राज्य के पांच प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। जापान से लौटे प्रतिभागियों रमन दास मानिकपुरी, समीक्षा साहू, सुनयना और शैयाद अली ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने, दूसरे देशों के अनुभवों से सीखने और अपने विचारों को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को नवाचार, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। नवाचार का अर्थ केवल नई चीजों का आविष्कार करना नहीं है, बल्कि पुराने कार्यों को नए और बेहतर तरीकों से करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचार विकसित करने, प्रयोग करने और गलतियों से सीखने की सलाह दी।

भाषा नहीं, ज्ञान और क्षमता से मिलती है सफलता

डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों, आदिवासी अंचलों और अलग-अलग सामाजिक परिवेश से आने वाले विद्यार्थियों को स्वयं को कभी कम नहीं समझना चाहिए। सफलता व्यक्ति की पृष्ठभूमि से नहीं, बल्कि उसकी क्षमता, मेहनत और सोच से तय होती है। उन्होंने भाषा के महत्व पर कहा कि अंग्रेजी, हिंदी, छत्तीसगढ़ी या कोई अन्य भाषा केवल विचार व्यक्त करने का माध्यम है। वास्तविक महत्व विषय की समझ, ज्ञान और काम करने की योग्यता का है।

कार्यक्रम में लोक शिक्षण विभाग के संचालक ऋतुराज रघुवंशी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चयनित विद्यार्थी और शिक्षक उपस्थित रहे।

क्या है इंस्पायर–मानक योजना?

इंस्पायर–मानक अवार्ड योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (NIF) के सहयोग से संचालित की जाती है। इसका उद्देश्य कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देना है।

योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को उनके मौलिक और नवाचारी विचारों पर आधारित प्रोजेक्ट या मॉडल विकसित करने के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और जिला, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलता है।

You might also like!