Breaking

Bastar Naxal Case Review: नक्सल प्रकरणों की वापसी में तेजी के निर्देश, 15 दिन में जिला समितियों की बैठक

Chhattisgarh 08 October 2026 (6)

post

रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में नक्सल प्रकरणों की वापसी, आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों और हिंसा से प्रभावित जवानों व नागरिकों के परिवारों को मिल रही सहायता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नक्सल प्रकरणों में निरुद्ध और न्यायालयों में प्रक्रियाधीन मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए। गंभीर अपराध, जनहानि और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए से जुड़े मामलों को छोड़कर पात्र प्रकरणों की वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।

Advertisement

बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त प्रकरण वापसी संबंधी आवेदनों की जिलावार और प्रकरणवार समीक्षा की गई। अधिकारियों से प्रत्येक मामले की वर्तमान स्थिति और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली गई। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों में अगले 15 दिनों के भीतर जिला स्तरीय प्रकरण वापसी समितियों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही 5 नवंबर तक राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित करने को कहा, ताकि पात्र मामलों में प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

अन्य राज्यों से लौटे करीब 900 पुनर्वासितों पर जोर

विजय शर्मा ने अन्य राज्यों में आत्मसमर्पण करने वाले छत्तीसगढ़ के निवासियों को वापस लाने और उनके पुनर्वास की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के तहत ऐसे लोगों को राज्य में वापस लाया जाए। लौटने वाले आत्मसमर्पित व्यक्तियों को पुनर्वास केंद्रों में रखकर उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार आजीविकापरक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

अब तक करीब 900 पुनर्वासितों के छत्तीसगढ़ लौटने पर उप मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी पुनर्वासितों को मोबाइल फोन और प्रशिक्षण किट उपलब्ध कराने तथा आवश्यक पहचान पत्र और राशन कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं के साथ हथियारों की मैपिंग को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

भूमि, आवास और रोजगार का लाभ समय पर देने के निर्देश

बैठक में पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित व्यक्तियों को मिलने वाली सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। प्रत्येक प्रकरण में भूमि आवंटन, रोजगार, आवास और आर्थिक सहायता की स्थिति की जानकारी ली गई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नीति के तहत पात्र लोगों को सभी लाभ समय पर मिलें और कोई भी पात्र पुनर्वासित सहायता से वंचित न रहे।

लंबित इनाम राशि के मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अगली समीक्षा बैठक से पहले पुनर्विचार से संबंधित मामलों पर चर्चा कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सभी पात्र पुनर्वासितों को प्रोत्साहन राशि वितरित किए जाने पर उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के समन्वित प्रयासों की सराहना की। साथ ही सभी पुनर्वासितों के आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाने को कहा।

इलवद पंचायत के विकास कार्यों की समीक्षा

उप मुख्यमंत्री ने इलवद पंचायत के लंबित विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। उन्होंने प्रस्तावित और लंबित कार्यों की स्वीकृति की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि विकास कार्यों का चयन स्थानीय ग्रामीणों की वास्तविक जरूरत और मांग के अनुरूप होना चाहिए। ग्रामीणों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को सभी निर्धारित लाभ देने पर जोर

वर्ष 2001 से अब तक नक्सल घटनाओं में शहीद जवानों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति और अन्य निर्धारित लाभ दिए जाने की स्थिति की समीक्षा की गई। लंबित मामलों का शीघ्र परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण करने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र परिवारों को सहायता मिलने में देरी न हो।

नक्सल घटनाओं में जान गंवाने वाले आम नागरिकों के आश्रित परिवारों को दी जा रही आर्थिक सहायता और अन्य लाभों की भी जानकारी ली गई। उप मुख्यमंत्री ने सभी पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नक्सल घटनाओं में घायल जवानों और नागरिकों को मिल रही सहायता, उपचार और अन्य सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।

शहीद जवानों और मृत नागरिकों की स्मृति में बनेंगे जनोपयोगी स्मारक

उप मुख्यमंत्री ने नक्सल घटनाओं में शहीद जवानों और जान गंवाने वाले नागरिकों की स्मृति में बनाए जाने वाले स्मारकों की योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्मारकों को केवल स्मृति स्थल तक सीमित न रखकर जनोपयोगी स्वरूप दिया जाए। यात्री प्रतीक्षालय और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के रूप में इन्हें विकसित करने पर जोर दिया गया।

जिन स्थानों पर नक्सल घटनाओं में बड़ी संख्या में जवानों या नागरिकों की मृत्यु हुई है, वहां बड़े स्मारक बनाने के निर्देश दिए गए। इन स्थलों पर लोगों के रुकने और ठहरने की व्यवस्था के साथ संबंधित घटना, शहीद जवानों और मृत नागरिकों की पूरी जानकारी प्रदर्शित करने को कहा गया, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान और क्षेत्र के इतिहास से परिचित हो सकें।

पंचायत भवन, स्कूल मैदान और मार्गों का नामकरण शहीदों के नाम पर

शहीद जवानों की स्मृति को स्थायी सम्मान देने के लिए सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, मार्ग, चौक-चौराहों, बाजार और स्कूल मैदान सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का नामकरण शहीदों के नाम पर करने की कार्रवाई को अगले महीने तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।

गांवों में शहीद स्मारकों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई और निर्धारित मानक प्रारूप के अनुसार निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने को कहा गया।

रासायनिक उर्वरक मुक्त गांवों की होगी पहचान

उप मुख्यमंत्री ने बस्तर के उन गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए जहां अब तक खेती में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है। संबंधित जिलों के कलेक्टरों को ऐसे गांवों को चिन्हित कर धान उपार्जन शुरू होने से पहले आवश्यक व्यवस्थाओं से जोड़ने को कहा गया, ताकि किसानों को उनकी कृषि उपज का उचित मूल्य मिल सके।

इस पहल से महिला स्वसहायता समूहों को भी जोड़ने के निर्देश दिए गए। स्थानीय कृषि उत्पादों से जुड़ी गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर रोजगार और आजीविका के अवसर विकसित करने पर जोर दिया गया।

नवरात्रि में मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर जोर

बैठक में नवरात्रि के दौरान मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं।

बैठक में प्रमुख सचिव निहारिका बारीक, गृह सचिव नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एस.आर.पी. कल्लूरी और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बस्तर, कोंडागांव, कबीरधाम, राजनांदगांव, महासमुंद, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, दुर्ग और बलरामपुर जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

You might also like!