Breaking
- बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 12 दिन पहले शुरू हुआ सफारी सत्र, पर...
- Dussehra Celebration : बिलाईगढ़ के ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए...
- Police Commemoration Day : छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा के लिए वीर जवानों क...
- Urban Challenge Fund Conclave: छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित विकास को मिलेग...
- Pradhan Mantri Awas Yojana in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक प...
- Pradhan Mantri Awas Yojana in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक प...
- SECL के रिटायर्ड कर्मी का मोबाइल हैक कर 1.39 लाख की ठगी, क्रेडिट कार्ड से फ्ल...
- मायके से नहीं लौटी पत्नी तो फोन पर बोला- 'मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं', और ...
- पत्नी से अवैध संबंध के शक में चचेरे भाई पर जानलेवा हमला, आंखों में मिर्च पाउड...
- Crime News: पुनर्वास केंद्र में रह रहे आत्मसमर्पित नक्सली ने लगाई फांसी, पुलि...
Chest Pain: क्या आपके सीने का दर्द हार्ट अटैक है? 3 आसान स्टेप्स में समझें अंतर

Chest Pai: सीने में दर्द होते ही हम अक्सर सबसे बुरे यानी हार्ट अटैक के बारे में सोचने लगते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस कहता है कि सीने में दर्द के पीछे फेफड़ों का इन्फेक्शन या गंभीर एसिडिटी भी हो सकती है। डॉक्टरों ने इसे पहचानने के लिए कुछ खास संकेतों की जानकारी दी है।

1. दिल का दर्द: कब घबराएं?
अगर आपको सीने के बिल्कुल बीच में पत्थर जैसा भारीपन महसूस हो रहा है, तो यह दिल की समस्या हो सकती है।
दर्द कंधे, जबड़े या बाएं हाथ की तरफ जा रहा हो।
बहुत ज्यादा पसीना आना और बेचैनी होना।
अगर चलने या सीढ़ी चढ़ने पर दर्द बढ़े, तो बिना देरी किए अस्पताल जाएं।
2. फेफड़ों का दर्द: क्या यह 'पल्मोनरी एम्बोलिज्म' है?
कई बार फेफड़ों में सूजन या खून का थक्का जमने से भी सीने में तेज दर्द होता है।
सांस लेते समय या खांसने पर सीने में सुई जैसी चुभन होना।
दर्द के साथ बुखार आना या गहरी सांस लेने में डर लगना।
फेफड़ों की बीमारी में देरी होने पर ऑक्सीजन लेवल गिर सकता है।
3. पेट की समस्या
गैस और एसिडिटी अक्सर हार्ट अटैक जैसा भ्रम पैदा करती हैं, जिसे 'Heartburn' भी कहते हैं।
सीने में जलन जो गले तक महसूस हो।
खट्टी डकारें आना और खाना खाने के तुरंत बाद या लेटने पर दर्द बढ़ जाना।
डकार आने या टहलने पर यह दर्द अक्सर कम हो जाता है।
सीने के दर्द को खुद से सिर्फ गैस मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक पुष्टि न हो जाए, हर दर्द को गंभीरता से लें।

_m.webp)




-1784293643055_m~2.webp)
