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Chhattisgarh Tourism Development: चित्रकोट को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी तेज, 31 नए राम वनगमन स्थलों पर जल्द शुरू होंगे काम

रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग की योजनाओं एवं विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को महत्वाकांक्षी पर्यटन परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थलों और जनजातीय संस्कृति को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।

चित्रकोट को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी
बैठक में बस्तर के प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने संबंधित प्रक्रियाएं दो सप्ताह के भीतर पूरी करने, डीपीआर और प्रेजेंटेशन तैयार कर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सिरपुर पर्यटन विकास के लिए तैयार डीपीआर का प्रस्तुतीकरण करने को भी कहा गया।
144 पर्यटन स्थलों का सर्वे पूरा, 20 स्थानों पर सुविधाएं होंगी विकसित
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने प्रदेश के 144 पर्यटन स्थलों का गैप फिलिंग असेसमेंट पूरा कर लिया है। सर्वेक्षण के आधार पर प्राथमिकता वाले 20 पर्यटन स्थलों में सार्वजनिक शौचालय, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं फास्ट ट्रैक पर विकसित करने के निर्देश दिए गए।
इन सुविधाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय समितियों को देने अथवा सुलभ इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं का सहयोग लेने पर भी जोर दिया गया।
राम वनगमन पर्यटन परिपथ के 31 नए स्थलों पर दो महीने में शुरू होगा काम
मंत्री ने राम वनगमन पर्यटन परिपथ के पहले से विकसित स्थलों के अधूरे कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। निर्मित पर्यटन इकाइयों, सार्वजनिक शौचालयों और कैफेटेरिया का संचालन स्थानीय समितियों को सौंपने की बात कही गई।
नए चिन्हित 31 स्थलों पर डीपीआर, निविदा और एजेंसी चयन सहित सभी प्रक्रियाएं दो महीने के भीतर पूरी कर कार्यादेश जारी करने और निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए। प्रथम चरण के 10 स्थलों के अलावा बस्तर के एक-दो महत्वपूर्ण स्थलों को भी इसमें शामिल करने तथा इसके लिए आवश्यक बजट प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।
माता कौशल्या धाम चंदखुरी में प्रभु राम की नवीन प्रतिमा को स्थानांतरित कर मंदिर समिति से चर्चा के बाद जल्द स्थापना कराने के निर्देश भी दिए गए।
रामलला दर्शन योजना में वैकल्पिक ट्रेन की व्यवस्था
रामलला दर्शन योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने पर जोर दिया। आईआरसीटीसी की पेंट्री बोगी में तकनीकी समस्या के कारण ट्रेन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में ईओआई के माध्यम से अलग एजेंसी का चयन कर वैकल्पिक ट्रेन संचालन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
भोरमदेव कॉरिडोर की ऑनलाइन मॉनिटरिंग
भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और तकनीकी निगरानी के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने को कहा गया। संबंधित एजेंसियों को नियमानुसार समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
होमस्टे नीति के तहत चयनित हितग्राहियों को कैपिटल सब्सिडी जल्द उपलब्ध कराने और तीन चरणों में सहायता राशि वितरण की तैयारी पूरी करने को कहा गया। तकनीकी कारणों से निजी संस्थाओं को लीज पर नहीं दी जा सकने वाली पर्यटन मंडल की इकाइयों का संचालन स्थानीय समितियों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए।
प्रत्येक पर्यटन इकाई में आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों और उनकी दूरी की जानकारी देने वाले बड़े सूचना बोर्ड लगाने पर भी जोर दिया गया।
पर्यटन मार्गों पर बनेंगे सुविधा केंद्र
पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रमुख पर्यटन मार्गों पर वेसाइड एमेनिटीज विकसित करने के लिए सभी जिला कलेक्टरों के साथ समन्वय कर भूमि चिह्नित करने और पर्यटन मंडल का लैंड बैंक तैयार करने के निर्देश दिए गए।
केंद्र और राज्य शासन की निर्माणाधीन पर्यटन परियोजनाओं की तकनीकी निगरानी के लिए सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी के माध्यम से इंजीनियरों की सेवाएं लेने पर भी सहमति दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन, कुदरगढ़ रोप-वे, मंदिर परिसरों के तालाबों और झीलों के जीर्णोद्धार, मुख्यमंत्री की घोषणाओं से जुड़े लंबित कार्यों तथा स्वीकृत बजट के समयबद्ध उपयोग की समीक्षा की गई।
प्रदेश के पर्यटन स्थलों को जोड़कर मिनी टूरिज्म सर्किट विकसित करने, स्थानीय टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंटों के साथ कार्यशाला आयोजित करने तथा केंद्र सरकार की परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
कलाकारों के लिए डिजिटल पोर्टल होगा मजबूत
संस्कृति विभाग की समीक्षा में कलाकारों के पंजीयन के लिए संचालित चिन्हारी पोर्टल को अपडेट करने के निर्देश दिए गए। कलाकार दलों के श्रेणी उन्नयन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पारदर्शी आवंटन के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
विभिन्न सांस्कृतिक पीठों के संबंधित विभागों को हस्तांतरण और उनके पुनः संचालन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।
पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण पर विशेष जोर
पुरातत्व विभाग की समीक्षा के दौरान सिरपुर के सुरंग टीला और नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो का नियमित संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया। अंबिकापुर जिला पुरातत्व संग्रहालय के उन्नयन और रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में ऐतिहासिक रियासतों से जुड़ी सामग्री को व्यवस्थित तरीके से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में युवा दर्शन योजना में खिलाड़ियों को शामिल करने तथा फिल्म सिटी और ट्राइबल कन्वेंशन सेंटर के कार्यों में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई।
मंत्री ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण और अगली समीक्षा बैठक में प्रत्येक निर्देश पर हुई कार्रवाई का अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी और रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, उपसचिव अभिषेक गुप्ता, पर्यटन मंडल की उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा, राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






