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Chhattisgarh Tourism News: होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन से बदलेंगी गांवों की तस्वीर, ‘चेन्दरू पुरस्कार’ से स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा सम्मान

Chhattisgarh 10 October 2026 (9)

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रायपुर, 10 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में राज्य सरकार ने कई पहल की हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने, जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे विकसित करने और ग्रामीण पर्यटन में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ शुरू किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आदिवासी संस्कृति, लोककला, हस्तशिल्प और पारंपरिक जीवनशैली को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाना है। इससे गांवों में आजीविका के अवसर बढ़ाने और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्रोत्साहन देने की उम्मीद है।

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बस्तर से सरगुजा तक पर्यटन की अपार संभावनाएं

छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध है। यहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात और जनजातीय परंपराएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। विशेष रूप से बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, विशिष्ट आदिवासी संस्कृति और स्थानीय लोगों के आतिथ्य के लिए जाना जाता है। बारिश के बाद यहां के हरे-भरे जंगल, पहाड़ और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। बस्तर धीरे-धीरे पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि इन संभावनाओं का लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ें।

विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा से बढ़ रही पर्यटन की पहचान

बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। लगभग 75 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में स्थानीय परंपराओं, रीति-रिवाजों और जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। हर वर्ष इस आयोजन में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक पहुंचते हैं। इस वर्ष भी नवरात्रि और बस्तर दशहरा देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानियों के आने की उम्मीद जताई गई है। दीपावली के अवसर पर भी बस्तर के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों को देखने के लिए पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कला, परंपराओं और पर्यटन गतिविधियों को पहचान मिलने के साथ स्थानीय व्यवसायों को भी अवसर मिल सकते हैं।

‘टाइगर बॉय’ चेन्दरू मंडावी की स्मृति में ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार

ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ शुरू किया है। यह पुरस्कार बस्तर के प्रसिद्ध ‘टाइगर बॉय’ चेन्दरू मंडावी की स्मृति में प्रारंभ किया गया है। चेन्दरू मंडावी बाघ ‘टेंबू’ के साथ अपनी दोस्ती और स्वीडिश फिल्म ‘जंगल सागा’ के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुए थे। उनकी कहानी ने बस्तर के ग्रामीण जीवन और प्राकृतिक परिवेश को व्यापक पहचान दिलाई थी।

इस पुरस्कार के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार नियम, 2025’ लागू किया गया है, जो पूरे छत्तीसगढ़ में प्रभावी होगा। इसके अंतर्गत ग्रामीण पर्यटन, लोककला, हस्तशिल्प और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं को एक लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार के लिए चयन छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय ज्यूरी करेगी। विजेताओं को राज्योत्सव के मंच पर सम्मानित किया जाएगा और उनके कार्यों पर आधारित सचित्र स्मारिका भी जारी की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य उन स्थानीय लोगों और संस्थाओं को पहचान देना है, जो अपने क्षेत्र की संस्कृति और प्राकृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़ रहे हैं।

होमस्टे से पर्यटक करीब से जानेंगे ग्रामीण जीवनशैली

ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति’ तैयार की है। इसके माध्यम से ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के परिवार अपने घरों को पर्यटकों के ठहरने के लिए विकसित कर सकेंगे। इससे पर्यटकों को पारंपरिक घरों में रहने, स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने, लोककला और हस्तशिल्प को जानने तथा गांवों की संस्कृति और जीवनशैली को करीब से अनुभव करने का अवसर मिलेगा।

होमस्टे के माध्यम से पर्यटक खेत-खलिहान, पारंपरिक रहन-सहन, स्थानीय खान-पान और ग्रामीण परिवेश से परिचित हो सकेंगे। इससे कम चर्चित पर्यटन स्थलों को भी पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है। नीति के तहत नए होमस्टे स्थापित करने और मौजूदा मकानों को बेहतर बनाने के लिए वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही होमस्टे संचालकों को आतिथ्य सत्कार, स्वच्छता और व्यवसाय संचालन का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया है।

इस व्यवस्था से ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय और स्वरोजगार के अवसर तैयार हो सकते हैं। महिला स्व-सहायता समूहों, स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यवसायों को भी पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से लाभ मिलने की संभावना है। बस्तर और सरगुजा जैसे जनजातीय क्षेत्रों के साथ मैदानी इलाकों के गांवों में भी होमस्टे पर्यटन को बढ़ावा देने का माध्यम बन सकते हैं।

पर्यटन को उद्योग का दर्जा, निवेश और रोजगार पर जोर

छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024-2030 के तहत पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। नीति में पर्यटन, मनोरंजन और अन्य सामाजिक सेवा क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं में निवेश को प्रोत्साहित करना और राज्य में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करना है। पर्यटन परियोजनाओं को नीति के प्रावधानों के अनुसार विभिन्न रियायतें और सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

राज्य सरकार सरगुजा से बस्तर और ग्रामीण इलाकों से शहरों तक पर्यटन संबंधी सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दे रही है। इसके तहत पर्यटकों के लिए ठहरने की व्यवस्था, परिवहन, सड़क संपर्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। बेहतर सुविधाओं से छत्तीसगढ़ को पर्यटन के आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड ने छत्तीसगढ़ में निवेश करने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के निवेश से पर्यटन संबंधी आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

स्थानीय युवा अपने गांव में बन सकेंगे पर्यटन उद्यमी

राज्य सरकार की औद्योगिक नीति के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन से जुड़ी आधारभूत सुविधाएं, इको-टूरिज्म और होमस्टे विकसित करने वाले युवाओं तथा स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने का प्रावधान है। पात्र परियोजनाओं को नीति के अनुसार पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज अनुदान और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं।

इसके अलावा ग्रामीण युवाओं को आतिथ्य सत्कार, पर्यटक गाइडिंग और डिजिटल मार्केटिंग का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया है। इससे युवा अपने ही क्षेत्र में पर्यटन से जुड़े व्यवसाय शुरू करने और स्थानीय लोगों को रोजगार देने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ने से गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ लोकसंस्कृति और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

छत्तीसगढ़ सरकार की इन पहलों का मुख्य उद्देश्य पर्यटन विकास को ग्रामीण सशक्तिकरण से जोड़ना है। होमस्टे, चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार और पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने जैसे कदमों के माध्यम से राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को स्थानीय लोगों की आजीविका का आधार बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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