Breaking

Fitness News: 60 की उम्र के बाद भी जांघों की मसल्स रखनी हैं मजबूत? रोज कुर्सी पर बैठकर करें ये आसान एक्सरसाइज

Life Style 17 October 2026 (5)

post

Raipur: बढ़ती उम्र के साथ शरीर की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, विशेषकर जांघों (थाईज) और घुटनों के आसपास की मांसपेशियां, जिससे उठने-बैठने और चलने-फिरने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, उम्र के इस पड़ाव पर भी नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज करके पैरों की ताकत और शरीर का संतुलन आसानी से बनाए रखा जा सकता है। फिटनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि 60 वर्ष की आयु के बाद भारी-भरकम कसरत करने के बजाय घर पर ही कुर्सी पर बैठकर किए जाने वाले आसान व्यायाम (चेयर एक्सरसाइज) बेहद सुरक्षित और असरदार होते हैं।

Advertisement

कुर्सी पर बैठकर की जाने वाली एक्सरसाइज की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें गिरने का जोखिम बहुत कम होता है और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ता है। जो बुजुर्ग या वरिष्ठ नागरिक जमीन पर बैठकर कसरत नहीं कर सकते, वे आसानी से अपनी डाइनिंग चेयर या सोफे पर बैठकर इन आसनों का अभ्यास कर सकते हैं। इससे न केवल जांघों की मांसपेशियां (क्वाड्रिसेप्स और हैमस्ट्रिंग) मजबूत होती हैं, बल्कि पैरों में रक्त संचार भी बेहतर होता है और गठिया या जोड़ों के दर्द से भी राहत मिलती है।

पहली और सबसे असरदार एक्सरसाइज 'चेयर स्क्वैट्स' या 'सिट-टू-स्टैंड' है। इसके लिए कुर्सी पर सीधे बैठ जाएं, बिना हाथों का सहारा लिए शरीर को आगे की तरफ हल्का झुकाते हुए खड़े हों और फिर धीरे-धीरे वापस कुर्सी पर बैठ जाएं। इस प्रक्रिया को शुरुआत में 8 से 10 बार दोहराएं। यह व्यायाम जांघों की मांसपेशियों को टोन करने और घुटनों के निचले हिस्से को मजबूत बनाने में बहुत मददगार साबित होता है, जिससे रोजमर्रा के कामों में आसानी होती है।

दूसरी महत्वपूर्ण एक्सरसाइज 'लेग एक्सटेंशन' (पैर सीधा करना) है। कुर्सी पर सीधे बैठकर अपनी पीठ को सीधा रखें और एक पैर को घुटने से मोड़ते हुए ऊपर की ओर सीधा उठाएं। इस स्थिति में पैर को 5 सेकंड तक हवा में रोककर रखें और फिर नीचे लाएं। ऐसा ही दूसरे पैर के साथ करें। यह एक्सरसाइज विशेष रूप से घुटने के ठीक ऊपर की जांघ की मांसपेशियों को मजबूत करती है और पैरों के लचीलेपन को बढ़ाती है।

तीसरी उपयोगी एक्सरसाइज 'हिप मार्चिंग' है। कुर्सी के किनारे पर सीधे बैठकर अपने दाहिने पैर को घुटने से मोड़कर ऊपर की ओर उठाएं, जैसे कि आप कदमताल कर रहे हों, और फिर नीचे रखें। इसके बाद बाएं पैर से यही प्रक्रिया दोहराएं। इस अभ्यास से कूल्हे और जांघों के आसपास की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, जिससे शरीर का निचला हिस्सा मजबूत बनता है और कमर के दर्द में भी आराम मिलता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि इन एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले यदि कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या या जोड़ों की बड़ी सर्जरी हुई है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। नियमित रूप से रोजाना 15 से 20 मिनट इन आसान अभ्यासों को करने से 60 की उम्र के बाद भी शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है और बुढ़ापे में भी पैरों की मांसपेशियां मजबूत और सेहतमंद रहती हैं।

You might also like!