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सावधान! वजन घटाने और डिटॉक्स के चक्कर में कहीं लिवर न हो जाए डैमेज; अपोलो के डॉक्टरों ने हर्बल चाय पर दी चेतावनी

ज्यादातर लोग हर्बल चाय (Herbal Tea) को पूरी तरह सुरक्षित और 'नेचुरल' मानकर इसका अत्यधिक सेवन करते हैं, लेकिन विशेषज्ञों ने इसके गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति आगाह किया है। अपोलो अस्पताल के प्रसिद्ध हेपेटोलॉजिस्ट (लिवर विशेषज्ञ) ने हाल ही में चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टरी सलाह के ली जाने वाली हर्बल चाय लिवर को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है। डॉक्टरों के पास ऐसे कई मामले आ रहे हैं जहाँ 'डिटॉक्स' के नाम पर लिए गए हर्बल अर्क के कारण मरीजों का लिवर फेलियर की स्थिति तक पहुँच गया है।

चिकित्सकों के अनुसार, कई हर्बल चाय और सप्लीमेंट्स में ऐसे तत्व होते हैं जो लिवर में सूजन पैदा कर सकते हैं, जिसे चिकित्सा भाषा में 'ड्रग इंड्यूस्ड लिवर इंजरी' (DILI) कहा जाता है। अक्सर वजन घटाने या मेटाबॉलिज्म बढ़ाने का दावा करने वाली इन चायों में ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट (अत्यधिक मात्रा में), कुछ जड़ी-बूटियाँ और अनचाहे रसायन पाए जाते हैं। लिवर का काम शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालना होता है, लेकिन जब इन हर्बल सप्लीमेंट्स की मात्रा अधिक हो जाती है, तो लिवर की कोशिकाएं खुद क्षतिग्रस्त होने लगती हैं।
[Image showing common symptoms of liver damage like jaundice and abdominal pain]
विशेषज्ञों ने विशेष रूप से उन लोगों को आगाह किया है जो पहले से ही फैटी लिवर (Fatty Liver) या अन्य लिवर संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि "प्राकृतिक होने का मतलब हमेशा सुरक्षित होना नहीं होता।" बाजार में मिलने वाली कई अनरेगुलेटेड हर्बल चाय में भारी धातुओं (Heavy Metals) और कीटनाशकों के अंश भी मिल सकते हैं, जो लिवर के लिए घातक साबित होते हैं। थकान, आँखों में पीलापन (पीलिया), भूख न लगना और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
हर्बल उत्पादों के सेवन से पहले उनकी प्रामाणिकता की जांच करना अनिवार्य है। अपोलो के डॉक्टरों ने सुझाव दिया है कि किसी भी प्रकार का 'डिटॉक्स कोर्स' शुरू करने से पहले एक पेशेवर चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। सुरक्षित विकल्प के रूप में, घर में बनी सामान्य चाय या अदरक-तुलसी का सीमित मात्रा में उपयोग किया जा सकता है, लेकिन पैकेट बंद हर्बल अर्क का लंबे समय तक सेवन जोखिम भरा हो सकता है। यह चेतावनी उन लोगों के लिए एक वेक-अप कॉल है जो इंटरनेट पर दी गई जानकारी के आधार पर स्वयं का उपचार करते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ लिवर के लिए संतुलित आहार और व्यायाम सबसे प्रभावी तरीके हैं, न कि कोई जादुई चाय। यदि आप नियमित रूप से किसी विशेष हर्बल चाय का सेवन कर रहे हैं और शरीर में असामान्य लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो तुरंत लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) करवाना चाहिए। याद रखें, आपकी सेहत आपके सतर्क रहने में ही है, विज्ञापनों के बहकावे में आकर अपनी जीवनदायिनी ग्रंथियों को खतरे में न डालें।


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