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ग्लोबल ऑयल मार्केट में बड़ा फेरबदल: ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट, बाजार में आएगा 14 करोड़ बैरल कच्चा तेल

ईरान-इजरायल युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल को देखते हुए अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अमेरिकी प्रशासन ने समुद्र में टैंकरों पर फंसे ईरानी तेल की खरीद पर 30 दिन की विशेष छूट (Waiver) देने का ऐलान किया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ाकर बढ़ती महंगाई और ईंधन संकट को रोकना है।

14 करोड़ बैरल तेल होगा 'अनलॉक'
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेेंट (Scott Bessent) के अनुसार, इस 30 दिनों की छूट से लगभग 14 करोड़ बैरल (140 Million Barrels) कच्चा तेल वैश्विक बाजारों में उपलब्ध हो जाएगा। यह वह तेल है जो पहले से ही समुद्र में टैंकरों पर लदा हुआ है लेकिन प्रतिबंधों के कारण बेचा नहीं जा पा रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में तेल आने से अगले 10 से 14 दिनों के भीतर तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है।
भारत को मिल सकता है बड़ा फायदा
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए यह खबर किसी राहत से कम नहीं है। भारत पहले भी ईरान का प्रमुख खरीदार रहा है, लेकिन प्रतिबंधों के चलते यह आयात बंद था। अब इस 30 दिन की विंडो का लाभ उठाकर भारतीय रिफाइनरियां सस्ता तेल खरीद सकेंगी। इससे घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और विशेष रूप से LPG (रसोई गैस) की सप्लाई में सुधार होने की उम्मीद है, जिसकी किल्लत वर्तमान में देश के कई हिस्सों में देखी जा रही है।
बाजार में स्थिरता की कोशिश
युद्ध के चलते रोजाना करीब 10 से 14 मिलियन बैरल तेल की कमी का सामना कर रहे ग्लोबल मार्केट के लिए यह 14 करोड़ बैरल तेल एक 'बफर' का काम करेगा। हालांकि यह छूट केवल 19 अप्रैल 2026 तक के लिए दी गई है, लेकिन इससे पैनिक बुकिंग और जमाखोरी पर लगाम लगने की पूरी संभावना है।







