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CG Farmer Protest: गन्ने का दाम 425 रुपये प्रति क्विंटल करने पर सहमति, कवर्धा में किसानों ने चक्काजाम किया स्थगित

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 23 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा किसानों का प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसान 8 अक्टूबर से आंदोलन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने ट्रैक्टर और बैरिकेड लगाकर शहर के प्रवेश मार्गों पर चक्काजाम कर दिया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा व अरुण साव के साथ संघ के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के बाद प्रमुख मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की गई।

गन्ने की खरीदी दर 329 से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल
बैठक में सरकार ने गन्ने की खरीदी दर 329 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने पर सहमति जताई है। किसान संघ के मुताबिक, पिछले आठ वर्षों से गन्ने के दाम में बढ़ोतरी नहीं हुई थी। इसके अलावा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के बदले दूसरी फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की सब्सिडी देने की मांग पर भी सहमति बनी है।
किसानों की अन्य प्रमुख मांगों में धान खरीदी केंद्रों पर तौल की मात्रा 41.500 किलोग्राम से घटाकर 40.700 किलोग्राम करना और बिजली के निजीकरण की योजना पर रोक लगाना शामिल है। बैठक में इन मुद्दों पर भी सहमति बनने की जानकारी दी गई है।
नेशनल हाईवे सहित शहर के प्रवेश मार्गों पर हुआ था चक्काजाम
23 सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों ने कबीरधाम में व्यापक प्रदर्शन किया था। ट्रैक्टर और बैरिकेड लगाकर शहर में प्रवेश करने वाले मार्गों को बंद कर दिया गया था। इस दौरान केवल एंबुलेंस को आने-जाने की अनुमति दी जा रही थी। चक्काजाम के कारण आम लोगों को परेशानी हुई और स्कूलों में छुट्टी भी करनी पड़ी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। शुरुआती बातचीत में कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद शुक्रवार रात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव के साथ भारतीय किसान संघ के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक हुई, जो देर रात करीब एक बजे तक चली। प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद किसानों ने चक्काजाम स्थगित करने का निर्णय लिया।
बोनस के 1,700 करोड़ रुपये सहित कई मांगों पर नहीं बनी सहमति
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष डोमन चंद्रवंशी ने बताया कि जिला स्तर की मांगों को पूरा करने के लिए कलेक्टर की ओर से आश्वासन दिया गया है। वहीं, शासन स्तर की तीन प्रमुख मांगों पर सरकार ने सहमति जताई है। हालांकि, धान के लिए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर में केंद्र सरकार की ओर से बढ़ाए गए समर्थन मूल्य को जोड़कर भुगतान करने और पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल की लंबित 1,700 करोड़ रुपये की बोनस राशि देने की मांग पर सहमति नहीं बन पाई है।
आंदोलन खत्म नहीं, मांगें पूरी नहीं हुईं तो रायपुर में प्रदर्शन
डोमन चंद्रवंशी ने स्पष्ट किया कि किसानों का आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि फिलहाल स्थगित किया गया है। सरकार के साथ बातचीत में जिन मांगों पर सहमति बनी है, उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई की उम्मीद है। शेष मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में किसान आने वाले समय में राजधानी रायपुर में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन कर सकते हैं। चक्काजाम स्थगित होने से फिलहाल स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।






