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Kids Health News: स्क्रीन टाइम और खराब पोस्चर से बच्चों की रीढ़ पर असर, अपनाएं डिजिटल डिटॉक्स की आदतें

Raipur: बच्चों में मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर का बढ़ता इस्तेमाल उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने के साथ गलत मुद्रा में बैठने की आदत गर्दन, कंधे और पीठ में परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में बच्चों को कम उम्र से ही स्क्रीन इस्तेमाल करने का सही तरीका और नियमित ब्रेक लेने की आदत सिखाना जरूरी है।

लंबे समय तक एक ही मुद्रा में न बैठें
बच्चे मोबाइल या टैबलेट इस्तेमाल करते समय अक्सर गर्दन झुकाकर या बिस्तर पर गलत मुद्रा में बैठ जाते हैं। उन्हें स्क्रीन को आंखों के करीब और उचित ऊंचाई पर रखने, पीठ को सहारा देने और लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठने की आदत डालनी चाहिए।
हर थोड़ी देर में लें स्क्रीन ब्रेक
लगातार स्क्रीन देखने के बजाय बच्चों को बीच-बीच में उठकर चलने, स्ट्रेचिंग करने या कुछ समय स्क्रीन से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित करें। पढ़ाई और मनोरंजन के बीच छोटे-छोटे ब्रेक दिनचर्या का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।
डिजिटल डिटॉक्स की आदतें सिखाएं
बच्चों के लिए रोजाना कुछ समय नो-स्क्रीन टाइम तय करें। भोजन के समय, सोने से पहले और परिवार के साथ बातचीत के दौरान मोबाइल को दूर रखने की आदत विकसित करें। खाली समय में आउटडोर खेल, किताब पढ़ना, चित्रकारी या अन्य रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
माता-पिता खुद भी बनें उदाहरण
बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने के लिए माता-पिता का व्यवहार भी महत्वपूर्ण है। घर में सभी के लिए कुछ समय स्क्रीन-मुक्त रखने और साथ में खेल या बातचीत करने से बच्चों को डिजिटल संतुलन सीखने में मदद मिल सकती है।
कब डॉक्टर से सलाह लें?
यदि बच्चे को लगातार गर्दन, कंधे या पीठ में दर्द हो, मुद्रा में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे या शारीरिक गतिविधियों में परेशानी महसूस हो, तो बाल रोग विशेषज्ञ या संबंधित स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।
नोट: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है। लगातार दर्द या अन्य लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।





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