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महासमुंद का 'नटवरलाल' क्लर्क! खुद को बनाया लेक्चरर, 8 महीने तक डकारा 13 लाख का वेतन; अब कलेक्टर के डंडे से मची खलबली...NV News

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से जालसाजी और प्रशासनिक लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग से लेकर कलेक्ट्रेट तक हड़कंप मचा दिया है। यहां एक शातिर क्लर्क (लिपिक) ने खुद को 'लेक्चरर' (व्याख्याता) के पद पर प्रमोट कर लिया और पिछले 8 महीनों से व्याख्याता के पद का मोटा वेतन ले रहा था। यह पूरा खेल कागजों और ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा के साथ की गई छेड़छाड़ के जरिए खेला गया। जब तक विभाग को इसकी भनक लगती, आरोपी क्लर्क सरकारी खजाने से लगभग 13 लाख रुपये डकार चुका था।

इस महाघोटाले का खुलासा तब हुआ जब विभाग में नियुक्तियों और वेतन विसंगतियों की आंतरिक जांच शुरू हुई। जांच टीम यह देखकर दंग रह गई कि एक कर्मचारी, जो मूल रूप से लिपिकीय संवर्ग का है, वह तकनीकी रूप से व्याख्याता के वेतनमान पर पैसे निकाल रहा है। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि आरोपी ने पदोन्नति के फर्जी आदेश तैयार किए और डीडीओ (DDO) के लॉगिन आईडी-पासवर्ड का दुरुपयोग कर पे-रोल सिस्टम में अपनी जानकारी बदल दी। इस 'सेल्फ-प्रमोशन' के जरिए उसने न केवल पद हासिल किया, बल्कि वेतन में भी भारी इजाफा कर लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महासमुंद कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर ने न केवल आरोपी क्लर्क को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं, बल्कि उसके खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। प्रशासन अब इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि क्या इस घोटाले में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी या कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल थे, क्योंकि बिना मिलीभगत के इतने महीनों तक सिस्टम को चकमा देना मुमकिन नहीं लगता।
यह घटना छत्तीसगढ़ में सरकारी वेतन प्रणाली और डेटा सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती है। 13 लाख रुपये की रिकवरी के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिले के सभी स्कूलों और कार्यालयों के वेतन रिकॉर्ड का मिलान करें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और भी कोई 'छद्म लेक्चरर' तो वेतन नहीं उठा रहा है। इस खुलासे के बाद से जिले के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है और दोषी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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