Breaking
- CISF Recruitment Fraud: फर्जी दस्तावेजों से CISF में भर्ती होने का आरोप, राजस...
- Coal Workers Salary News: 2.40 लाख कोयला कर्मियों का नया वेतन समझौता अटका, जे...
- Janjgir-Champa Gambling Raid: सुनसान मकान में जुआ खेलते 9 आरोपी गिरफ्तार, 4.2...
- Surajpur Crime News: 11वीं की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, आपत्तिजनक व...
- Raipur Swachhta Abhiyan: काशीराम नगर में श्रमदान से हुई सफाई, रंगोली के जरिए ...
- Raipur Municipal Corporation News: महापौर ने राजस्व विभाग की समीक्षा कर दिए प...
- Chhattisgarh Cancer Conclave: कैंसर केयर मजबूत करने के साथ स्वस्थ मानव संसाधन...
- Silver Cleaning Tips: काली पड़ गई चांदी की पायल और बिछिया? इन आसान घरेलू तरीक...
- Education Scam: क्लर्क ने खुद को बनाया लेक्चरर, 8 महीने तक लिया अतिरिक्त वेतन...
- Crime News: पुलिसकर्मी बनकर पिकअप सवारों को रोका, 43 हजार की लूट; फरार दो आरो...
Raipur Municipal Corporation News: महापौर ने राजस्व विभाग की समीक्षा कर दिए पारदर्शी कर वसूली के निर्देश

रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने निगम मुख्यालय में राजस्व विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में कर निर्धारण, बकाया राजस्व, पार्ट-पेमेंट, भवन पूर्णता प्रमाणपत्र, कॉलोनियों में कर वसूली और निगम की लीज संपत्तियों से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। इस दौरान एमआईसी सदस्य अवतार सिंह बागल सहित सभी जोनों के राजस्व अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

जलकर और यूजर चार्ज को लेकर दिए निर्देश
महापौर ने स्पष्ट किया कि जलकर और यूजर चार्ज पर ब्याज नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने बकाया राशि के पार्ट-पेमेंट की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के साथ ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था में नियमानुसार पार्ट-पेमेंट की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान ऐसे भवनों का मामला भी सामने आया, जहां नल कनेक्शन उपलब्ध नहीं होने के बावजूद जलकर का डिमांड भेजा जा रहा था। महापौर ने निर्देश दिए कि जिन संपत्तियों में नल कनेक्शन नहीं है, वहां जलकर की वसूली नहीं की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राजस्व बढ़ाना जरूरी है, लेकिन कार्रवाई नियमों के अनुरूप ही होनी चाहिए।
कर निर्धारण का आधार सार्वजनिक करने पर जोर
महापौर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि करारोपण की प्रक्रिया से पहले संबंधित अधिनियम और नियमों का अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को कर और शुल्क से जुड़े नियम, स्लैब तथा कर निर्धारण के आधार की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि करारोपण का आधार आम जनता के लिए स्पष्ट और पारदर्शी होना चाहिए, ताकि नागरिकों को अपने ऊपर लगाए गए कर की प्रक्रिया और आधार की जानकारी मिल सके।
लीज संपत्तियों के नवीनीकरण की प्रक्रिया होगी तेज
निगम की लीज पर दी गई उन संपत्तियों की भी समीक्षा की गई, जिनकी लीज अवधि समाप्त हो चुकी है। महापौर ने ऐसे मामलों में नियमानुसार लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाए।
कॉलोनियों के हैंडओवर और कर वसूली की होगी जांच
महापौर ने विभिन्न कॉलोनियों की फाइलवार जांच करने के निर्देश दिए। इसमें यह देखा जाएगा कि संबंधित कॉलोनी का नगर निगम को विधिवत हैंडओवर हुआ है या नहीं। साथ ही निगम की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, कर निर्धारण और वसूली के आधार की भी समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने और उनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। महापौर ने कहा कि नगर निगम की जिम्मेदारी केवल कर वसूली तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को बेहतर सड़क, पानी, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण दायित्व है।






