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सरगुजा ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल हुए बाइचुंग भूटिया


रायपुर, 23 मार्च 2026/ सरगुजा ओलंपिक 2026 के समापन अवसर पर भारतीय फुटबॉल जगत के दिग्गज और पूर्व कप्तान अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित बाइचुंग भूटिया ने जोहार सरगुजा से अभिवादन कर खिलाड़ियों में जोश भरते हुए उन्हें कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प का मंत्र देते हुए युवाओं को खेल जगत में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
दूरी मायने नहीं रखती, जुनून जरूरी है
सिक्किम से सरगुजा तक के अपने सफर का जिक्र करते हुए भूटिया ने कहा कि भौगोलिक दूरियाँ प्रतिभा के आड़े नहीं आतीं। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, मैं सिक्किम के एक बहुत छोटे से गाँव से निकलकर भारत के लिए खेल सका। मेरा गाँव सरगुजा से भी छोटा है। इसलिए यह कभी न सोचें कि आप किसी कोने में हैं, तो प्रोफेशनल खिलाड़ी नहीं बन सकते। अपने मन से यह शंका निकाल दें और खुद पर विश्वास रखें।
छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना
बाइचुंग भूटिया ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खेलों को दी जा रही प्राथमिकता की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को एक सशक्त मंच प्रदान कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं और खेल को प्राथमिकता दे रही है। जिससे सुदूर क्षेत्रों के खिलाड़ियों की प्रतिभा मंच मिला है। खेल विधाओं को अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ से न केवल राष्ट्रीय खिलाड़ी, बल्कि ओलंपिक मेडलिस्ट भी निकलेंगे।
सिंसियरिटी और हार्ड वर्क से मिलेगी सफलता
उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि, सरकारी सहयोग और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ व्यक्तिगत मेहनत सबसे महत्वपूर्ण है। सफलता के लिए फोकस्ड रहना, ईमानदारी से प्रयास करना और अंतिम तक हार न मानना ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने कहा कि शासन की इन पहलों का सकारात्मक परिणाम जल्द ही देश के खेल मानचित्र पर दिखाई देगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन, खेल युवा कल्याण विभाग एवं जिला प्रशासन को सरगुजा ओलंपिक में आमंत्रित करने के लिए आभार प्रकट किया।







