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Vishwakarma Jayanti: मुख्यमंत्री निवास में हुई भगवान विश्वकर्मा की पूजा, सीएम साय ने प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर, 17 सितंबर 2026। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों, विशेषकर श्रमिकों, शिल्पकारों, कारीगरों, अभियंताओं, तकनीशियनों और उद्योग एवं निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजनशीलता, कौशल, कर्मनिष्ठा और उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। उनकी आराधना लोगों को अपने ज्ञान, हुनर और परिश्रम के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती केवल आस्था और परंपरा का पर्व नहीं, बल्कि श्रम की प्रतिष्ठा, कौशल के सम्मान और सृजन की शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है। खेत-खलिहानों से लेकर कारखानों, छोटे प्रतिष्ठानों से बड़े उद्योगों और पारंपरिक शिल्प से आधुनिक तकनीक तक श्रमिकों, कारीगरों और तकनीकी विशेषज्ञों का योगदान विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध शिल्प परंपरा को आगे बढ़ाने में कारीगरों और शिल्पकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
साय ने कहा कि बदलते समय के साथ कौशल को लगातार विकसित करना और नई तकनीकों को अपनाना जरूरी है। परंपरागत हुनर और आधुनिक तकनीक का समन्वय प्रदेश के विकास को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि श्रम केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि सृजन और राष्ट्र निर्माण की शक्ति है। कौशलयुक्त और परिश्रमी मानव संसाधन के बल पर आत्मनिर्भर, आधुनिक और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को आगे बढ़ाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा से प्रदेश के सभी श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों, अभियंताओं और उद्यमियों की सफलता एवं खुशहाली की प्रार्थना की।







