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छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट: हैदराबाद में मिले 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। हैदराबाद में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में देश की सात प्रमुख बड़ी कंपनियों ने राज्य में 9,580 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव सौंपे हैं। इन भारी-भरकम निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से छत्तीसगढ़ में विभिन्न सेक्टरों के अंतर्गत 7,800 से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की मजबूत राह खुल गई है। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण भारत के दिग्गज उद्योगपतियों, निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ आने का न्योता देते हुए कहा कि विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में राज्य तेजी से उभर रहा है और यहां निवेशकों के स्वागत के लिए ‘रेड कारपेट’ बिछा हुआ है।

हैदराबाद के इस मंच से उद्योग जगत को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की बेहतरीन भौगोलिक स्थिति, उद्योग अनुकूल नीतियों और सुगम सिंगल विंडो व्यवस्था को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद से वैश्विक स्तर पर अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिन्हें अमलीजामा पहनाने के लिए प्रशासन मुस्तैदी से काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए कहा कि सात राज्यों से घिरे होने के कारण यह देश का सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक हब है, जिसकी पहुंच 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक है। कार्यक्रम में मौजूद राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी निवेशकों को हर संभव प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया।
इन्वेस्टर कनेक्ट के दौरान जिन सात बड़ी कंपनियों को ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ (ऑफर लेटर) जारी किए गए, उनमें तकनीकी और बुनियादी क्षेत्र के कई बड़े नाम शामिल हैं। सबसे बड़ा प्रस्ताव हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड की तरफ से आया है, जो 4,200 करोड़ रुपये के निवेश से भारत का पहला समर्पित 'डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस' स्थापित करेगी। इसके अलावा फीग्रेड एंड कंपनी सीमेंट क्षेत्र में 2,912 करोड़ रुपये और निवाई लैब्स एआई व सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। साथ ही एसजी मार्ट (सौर ऊर्जा), श्री सरवणा मिल्स (टेक्सटाइल), काबरा ड्रग्स (फार्मा) और दिनशॉज़ डेयरी ने भी निवेश पर सहमति दी है। हैदराबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने गूगल इंडिया, आईबीएम और पॉलीकैब जैसी दिग्गज कंपनियों के अधिकारियों से भी चर्चा की, जबकि स्वामी नारायण गुरुकुल संगठन ने रायपुर में 650 बिस्तरों वाले चैरिटेबल अस्पताल बनाने का प्रस्ताव रखा।







