CG NEWS : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला में पुलिस टीम पर जानलेवा हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना में थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में लंबे समय तक तनाव का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उत्तम तिवारी पुलिस टीम के साथ शनिवार शाम ग्राम पचरी पहुंचे थे। टीम आबकारी एक्ट के मामले में फरार चल रहे आरोपी विजय और विनोद मार्कंडेय की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी।
जैसे ही पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़कर वाहन में बैठाना शुरू किया, उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। इसी दौरान उनके परिजन और अन्य ग्रामीण आक्रोशित हो गए और लाठी-डंडे, लोहे की रॉड व ईंट-पत्थरों से पुलिस टीम पर हमला बोल दिया।
हमले में टीआई उत्तम तिवारी, प्रधान आरक्षक और एक महिला आरक्षक सहित कई जवान बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस वाहन पर भी पथराव किया गया, जिससे वाहन के कांच टूट गए और स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
बताया जा रहा है कि इस दौरान आरोपी की बहन हेमा मार्कंडेय पुलिस वाहन के सामने सड़क पर लेट गई, ताकि गिरफ्तारी को रोका जा सके। हालांकि महिला आरक्षकों की सूझबूझ से उसे हटाया गया और कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस टीम आरोपियों को गिरफ्तार कर सुरक्षित थाने ले जाने में सफल रही।
घटना के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें विजय मार्कंडेय, विनोद मार्कंडेय, छगन, लीला, ज्योति, विमला, खुशबू, ढेला बाई, संतोष कुमार टंडन और हेमा मार्कंडेय शामिल हैं। वहीं लक्की, गुलशन और गजेंद्र मार्कंडेय अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस ने मामले में शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।








