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छत्तीसगढ़ में महंगी बिजली का बड़ा झटका: जुलाई से 24% तक बढ़ सकते हैं दाम, नियामक आयोग की समीक्षा पूरी

RRT News- छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को जुलाई महीने से बड़ा झटका लग सकता है। राज्य में नए वित्तीय वर्ष के लिए बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने की तैयारी चल रही है। छत्तीसगढ़ राज्य पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने करीब 6,308 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे (रिवेन्यू गैप) की भरपाई करने के लिए चालू वर्ष में बिजली दरों में 24 प्रतिशत तक की भारी-भरकम बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) के समक्ष प्रस्तुत किया है। हालांकि, नई दरों की आधिकारिक और अंतिम घोषणा जून महीने के भीतर ही कर दी जाएगी।

इस भारी-भरकम बढ़ोतरी के प्रस्ताव को लेकर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अपनी मैराथन समीक्षा और जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली है। आयोग ने इस प्रस्ताव पर आम जनता, घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों, किसान संगठनों और बड़े उद्योगों से प्राप्त सुझावों, आपत्तियों और प्रतिक्रियाओं का गहन अध्ययन किया है। बिजली कंपनी की ओर से दी गई दलीलों और उपभोक्ताओं के चौतरफा विरोध के बीच एक ऐसा संतुलित रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे दोनों पक्षों को राहत मिल सके और राजस्व की भरपाई भी हो सके।
विशेषज्ञों और सूत्रों का मानना है कि यद्यपि बिजली कंपनी ने 24 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की है, लेकिन नियामक आयोग हमेशा की तरह 'मिड-वे मॉडल' (बीच का रास्ता) अपना सकता है। इसके तहत वास्तविक दरों में अंतिम वृद्धि को 5 से 7 प्रतिशत या कुछ पैसे प्रति यूनिट तक ही सीमित रखा जा सकता है, ताकि आम उपभोक्ताओं पर अचानक बड़ा आर्थिक बोझ न पड़े। इस नए टैरिफ ऑर्डर में लो-वोल्टेज और हाई-वोल्टेज लाइनों के आधार पर क्रॉस-सब्सिडी के पुराने ढांचे में भी कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिसका सीधा असर जुलाई के बिजली बिलों में दिखाई देगा।







