छत्तीसगढ़ में जारी भीषण गर्मी और लू के सितम के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी चेतावनी जारी की है। रायपुर मौसम केंद्र के अनुसार, कल यानी 1 मई 2026 से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। एक साथ सक्रिय हुए तीन मौसमी सिस्टमों (उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण) के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बादल छाने और हल्की वर्षा होने के आसार बन रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से गरज-चमक, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और अंधड़ को लेकर "येलो अलर्ट" जारी किया है। विभाग के मुताबिक, इस दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में दोपहर या शाम के वक्त गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की अधिक संभावना है, जिससे पिछले कई दिनों से 43-44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहे पारे से लोगों को निजात मिलेगी।
इस मौसमी बदलाव के चलते अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, विभाग ने वज्रपात की आशंका को देखते हुए नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित रखने का सुझाव दिया गया है, क्योंकि तेज हवाओं और छिटपुट बारिश से खुले में रखे अनाज को नुकसान पहुंच सकता है।







