रायपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने शैक्षणिक गुणवत्ता और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। हायर सेकेंडरी परीक्षा 2025 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गंभीर लापरवाही बरतने वाले 30 शिक्षकों को मंडल ने अगले तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इन शिक्षकों पर आरोप है कि उन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में भारी त्रुटियां कीं, जिसका खुलासा पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) के दौरान हुआ।
पुनर्मूल्यांकन में खुले राज: 20 से 40 अंकों का अंतर
यह पूरा मामला तब सामने आया जब कई छात्रों ने अपने परीक्षा परिणामों से असंतुष्ट होकर पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। जांच के दौरान मंडल ने पाया कि मूल्यांकनकर्ताओं की लापरवाही के कारण छात्रों के अंकों में 20 से लेकर 40 अंकों तक की भारी बढ़ोतरी हुई। अंकों में इतना बड़ा अंतर मूल्यांकन की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मंडल ने इसे अक्षम्य अपराध मानते हुए दोषी शिक्षकों की पहचान की और उन पर तत्काल कार्रवाई के आदेश जारी किए।
वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा
ब्लैकलिस्ट किए जाने के साथ-साथ मंडल ने इन शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश भी की है। माशिमं ने संबंधित विभाग को निर्देशित किया है कि इन 30 शिक्षकों की एक वेतन वृद्धि (Increment) संचयी प्रभाव से रोकी जाए। इस कार्रवाई का सीधा असर शिक्षकों के करियर और भविष्य के प्रमोशन पर पड़ेगा। मंडल के इस सख्त रुख से अन्य शिक्षकों के बीच भी यह संदेश गया है कि मूल्यांकन कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं: माशिमं
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों की एक छोटी सी गलती किसी मेधावी छात्र के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। ब्लैकलिस्ट किए गए शिक्षक अब अगले 3 साल तक मंडल के किसी भी गोपनीय कार्य, प्रश्न पत्र निर्माण या मूल्यांकन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकेंगे। भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए मंडल अब मूल्यांकन केंद्रों पर निगरानी और अधिक सख्त करने की योजना बना रहा है।








