रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सरकारी अस्पतालों की जर्जर व्यवस्था को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय के सामने जंगी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिले के अस्पतालों में न तो पर्याप्त दवाइयां हैं और न ही मरीजों के लिए बुनियादी सुविधाएं, जिससे गरीब जनता इलाज के लिए भटकने को मजबूर है।
प्रमुख मांगें और बदहाली के आरोप
कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। उनकी प्रमुख चिंताएं निम्नलिखित हैं:
बुनियादी सुविधाओं का अभाव: अस्पतालों में बिस्तरों की कमी, टूटी हुई मशीनें और साफ-सफाई का बुरा हाल।
दवाइयों की किल्लत: जीवन रक्षक दवाओं के लिए मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर्स पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
स्टाफ की कमी: डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं का चरमराना।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने अधिकारियों को दो-टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन है। यदि आगामी कुछ दिनों के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं में ठोस सुधार और विस्तार नहीं किया गया, तो कांग्रेस अपना आंदोलन उग्र करेगी।
"अगर जनता को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ा, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री आवास का भी घेराव किया जाएगा।" — कांग्रेस नेता







