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Chhattisgarh Education: ‘लइका चिन्हारी’ एप से होगी ड्रॉपआउट बच्चों की डिजिटल पहचान, स्कूल लौटने पर मिलेंगे 500 रुपये

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल से बाहर हो चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। शाला अप्रवेशी, शाला त्यागी और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान के लिए राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा की ओर से ‘लइका चिन्हारी’ मोबाइल एप तैयार कराया गया है। एप के माध्यम से ऐसे बच्चों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जाएगा।

घर-घर सर्वे से चिन्हित होंगे बच्चे
‘लइका चिन्हारी’ एप के जरिए स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की पहचान और जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी। सर्वे के दौरान बच्चों की शैक्षणिक स्थिति, स्कूल छोड़ने की स्थिति और उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ने की संभावनाओं से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी।
इस व्यवस्था से शिक्षा विभाग को जिले और क्षेत्रवार यह जानकारी मिल सकेगी कि कितने बच्चे स्कूल से बाहर हैं और किन बच्चों को दोबारा स्कूल में प्रवेश दिलाने की आवश्यकता है। डिजिटल डेटा के आधार पर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
स्कूल में दाखिले पर प्रोत्साहन राशि
ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल लाने के लिए प्रोत्साहन की व्यवस्था भी की गई है। चिन्हित बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने और उन्हें नियमित शिक्षा से जोड़ने के बाद संबंधित प्रक्रिया के तहत 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है।
इस पहल का उद्देश्य केवल बच्चों की पहचान करना नहीं, बल्कि उन्हें दोबारा विद्यालय तक पहुंचाकर उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। खासकर ऐसे बच्चों पर ध्यान दिया जाएगा, जो किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों पर भी रहेगा फोकस
‘लइका चिन्हारी’ एप के दायरे में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को भी शामिल किया गया है। ऐसे बच्चों की पहचान कर उनकी जरूरतों के अनुसार शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
डिजिटल पहचान और रिकॉर्ड तैयार होने से विभाग के लिए बच्चों की स्थिति की निगरानी करना आसान होगा। साथ ही यह भी पता लगाया जा सकेगा कि स्कूल से बाहर मिले बच्चे को दोबारा शिक्षा से जोड़ने के बाद उसकी उपस्थिति और शैक्षणिक स्थिति कैसी है।
शिक्षा से जोड़ने में डिजिटल तकनीक बनेगी मददगार
छत्तीसगढ़ में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में वापस लाने की दिशा में ‘लइका चिन्हारी’ एप को महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। डिजिटल माध्यम से बच्चों का डेटा एकत्र होने के बाद विभाग को योजनाओं की बेहतर निगरानी और लक्षित कार्रवाई में मदद मिलेगी।
इस पहल से स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की पहचान, पुनः प्रवेश और उनकी शिक्षा जारी रखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।







