Breaking
- Cyclone Arnab Impact: लैंडफॉल के बाद और खतरनाक हुआ महाचक्रवात 'अर्नब', छत्तीस...
- Sarang Helicopter Display Team CG: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में गूंजेगा भारतीय वा...
- Sarang Helicopter Display Team CG: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में गूंजेगा भारतीय वा...
- सराफा व्यापारी से 50 लाख की सनसनीखेज लूट, जंगल के बीच 6 बदमाशों ने डंडे से हम...
- Surakshit Bachpan Abhiyan Raipur: रायपुर के 21 विद्यालयों में चला 'सुरक्षित ब...
- Balcony Gardening Tips: अपनी बालकनी को बनाएं खूबसूरत 'मिनी बटरफ्लाई गार्डन', ...
- Horoscope Today 28 October 2026: मिथुन और सिंह राशि वालों को नौकरी में तरक्की...
- Utkrisht Krishak Ratn Samman: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- 'किसानों की सम...
- Bastar Dussehra Concludes: विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा का हुआ समापन,...
- मोबाइल देखने को लेकर उपजे विवाद में खूनी संघर्ष, बड़े भाई ने डंडे से पीट-पीटक...
दीदी की 'खास' फर्म पर ED का शिकंजा: IPAC के ठिकानों पर छापेमारी, कोयला तस्करी मामले में बड़ा एक्शन

RRT News -पश्चिम बंगाल की राजनीति और चुनावी रणनीतियों में अहम भूमिका निभाने वाली संस्था IPAC (Indian Political Action Committee) एक बार फिर केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निशाने पर है। कोयला तस्करी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही ED की टीम ने IPAC के कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य में राजनीतिक पारा पहले से ही चढ़ा हुआ है। जांच एजेंसी को अंदेशा है कि तस्करी से प्राप्त धन का उपयोग राजनीतिक अभियानों में किया गया हो सकता है।

ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की करीबी फर्म
बता दें कि IPAC वही फर्म है जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने का काम करती है। विशेष रूप से अभिषेक बनर्जी के कामकाज और पार्टी की इमेज बिल्डिंग में इस फर्म की बड़ी भूमिका रही है। सूत्रों के अनुसार, ED उन वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ रही है जो कोयला घोटाले के मुख्य आरोपियों और इस फर्म के बीच संदिग्ध रूप से पाए गए हैं। इससे पहले भी इस संस्था से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
कोयला तस्करी मामले में नया मोड़
पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन और तस्करी का मामला करोड़ों रुपये का है, जिसकी जांच CBI और ED दोनों एजेंसियां कर रही हैं। जांच में यह बात सामने आई थी कि अवैध रूप से निकाला गया कोयला पड़ोसी राज्यों और देशों में बेचा गया और उससे मिलने वाली काली कमाई को मुखौटा कंपनियों (Shell Companies) के जरिए सफेद किया गया। अब IPAC पर हुई छापेमारी इस मामले में एक नया और गंभीर मोड़ लेकर आई है, जिससे सत्ताधारी दल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
राजनीतिक बयानबाजी तेज, TMC ने बताया प्रतिशोध
ED की इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल में सियासी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे केंद्र सरकार की 'प्रतिशोध की राजनीति' करार दिया है। TMC नेताओं का कहना है कि जब भी चुनाव नजदीक आते हैं या विपक्ष मजबूत होता है, तब केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग शुरू कर दिया जाता है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों का कहना है कि भ्रष्टाचार की जांच में एजेंसी अपना काम कर रही है और दूध का दूध, पानी का पानी होना चाहिए।







