Breaking
- Education News: 45 हजार स्कूलों में महज 2,800 व्यायाम शिक्षक, सहायक शिक्षकों ...
- Pension Update: छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय पेंशनरों को बढ़ी महंगाई राहत, 1 जनवर...
- Korba News: बाल विवाह रोका, लेकिन 15 साल की नाबालिग बनी मां; निगरानी व्यवस्था...
- Parenting Tips: बच्चों की पहुंच से तुरंत दूर करें घर की ये 6 चीजें, छोटी लापर...
- Women Empowerment: रक्षाबंधन से पहले 67 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पहुं...
- Raipur Development: भाठागांव में 11.69 लाख की लागत से नया आंगनबाड़ी भवन, विधा...
- Hockey League: छत्तीसगढ़ में पहली राज्य स्तरीय प्रोफेशनल हॉकी लीग, 6 टीमें दि...
- E-Bus Service: रायपुर समेत 4 शहरों में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, रूट से ल...
- Women Empowerment: महतारी वंदन से प्रेमलता ने संवारा रोजगार, आत्मनिर्भरता की ...
- Nava Raipur News: नवा रायपुर को देश की अग्रणी ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकस...
Education News: 45 हजार स्कूलों में महज 2,800 व्यायाम शिक्षक, सहायक शिक्षकों को ट्रेनिंग देकर संभाली जाएगी जिम्मेदारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की शारीरिक शिक्षा और खेल गतिविधियों को लेकर शिक्षकों की कमी का मामला सामने आया है। प्रदेश के 45 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की फिटनेस और खेल प्रशिक्षण के लिए महज करीब 2,800 व्यायाम शिक्षक कार्यरत हैं। ऐसे में स्कूलों में शारीरिक शिक्षा की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, प्रशिक्षित व्यायाम शिक्षकों की नियमित भर्ती करने के बजाय स्कूल शिक्षा विभाग सहायक शिक्षकों को 15 दिन का ऑनलाइन प्रशिक्षण देकर उनसे व्यायाम एवं खेल गतिविधियों की जिम्मेदारी लेने की तैयारी कर रहा है। विभाग की इस व्यवस्था को प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के लिए एक तरह के शॉर्टकट विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
बीपीएड-एमपीएड डिग्रीधारी युवाओं को भर्ती का इंतजार
प्रदेश में लंबे समय से व्यायाम शिक्षकों की नियमित भर्ती नहीं होने से बीपीएड और एमपीएड जैसी व्यावसायिक डिग्री हासिल कर चुके हजारों युवा रोजगार का इंतजार कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि शारीरिक शिक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों की नियुक्ति के बजाय अन्य शिक्षकों को सीमित अवधि का ऑनलाइन प्रशिक्षण देकर जिम्मेदारी सौंपना विद्यार्थियों की खेल शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
फिटनेस और खेल गतिविधियों पर उठ रहे सवाल
स्कूलों में शारीरिक शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ना नहीं, बल्कि उनके स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन और टीम भावना का विकास करना भी है। ऐसे में पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित व्यायाम शिक्षकों की मौजूदगी जरूरी मानी जाती है। प्रदेश के स्कूलों की संख्या और उपलब्ध व्यायाम शिक्षकों के बीच बड़ा अंतर होने के कारण कई विद्यार्थियों तक नियमित खेल प्रशिक्षण पहुंचना चुनौती बना हुआ है।
सहायक शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर व्यवस्था चलाने से तत्काल शिक्षक कमी को कुछ हद तक दूर किया जा सकता है, लेकिन प्रशिक्षित बीपीएड-एमपीएड युवाओं की नियमित भर्ती की मांग भी लगातार बनी हुई है। अब देखना होगा कि स्कूल शिक्षा विभाग आने वाले समय में व्यायाम शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए स्थायी भर्ती की दिशा में क्या कदम उठाता है।






