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Railway News: अब नहीं चलेगी फर्जी टिकटबाजी! ट्रेन में 7-लेयर वेरिफिकेशन लागू, मौके पर ही 'असली-नकली' पहचान लेंगे TTE

भारतीय रेलवे ने रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अक्सर त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में फर्जी टिकटों के जरिए यात्रियों को ठगे जाने की खबरें आती रहती हैं, जिससे रेलवे को भी भारी राजस्व का नुकसान होता है। इस समस्या से निपटने के लिए रेलवे ने अब '7-लेयर वेरिफिकेशन' सिस्टम लागू कर दिया है। इस नई तकनीक की मदद से अब टीटीई (TTE) ट्रेन के भीतर ही चंद सेकंडों में यह पहचान लेंगे कि यात्री के पास मौजूद टिकट असली है या जाली।

इस हाई-टेक सिस्टम के तहत टिकटों पर सात अलग-अलग सुरक्षा मानक (Security Layers) निर्धारित किए गए हैं। इनमें क्यूआर कोड (QR Code), एन्क्रिप्टेड डेटा, बारकोड और विशेष डिजिटल सिग्नेचर जैसे फीचर्स शामिल हैं। टीटीई को दिए गए आधुनिक हैंडहेल्ड टर्मिनल (HHT) डिवाइस के जरिए इन लेयर्स को स्कैन किया जाएगा। यदि टिकट में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या फोटोशॉप के जरिए बदलाव किया गया होगा, तो डिवाइस तुरंत 'इनवैलिड टिकट' का सिग्नल दे देगा, जिससे फर्जीवाड़ा करने वालों की अब खैर नहीं होगी।
रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ वेटिंग लिस्ट वाले और वास्तविक यात्रियों को मिलेगा। अक्सर दलाल पुराने या किसी अन्य के नाम के टिकट में एडिटिंग कर भोले-भाले यात्रियों को बेच देते थे। अब 7-लेयर चेक के कारण टिकट के पीएनआर (PNR) और यात्री के डेटा का मिलान सीधे सर्वर से होगा। यह प्रक्रिया न केवल मैन्युअल चेकिंग की गलतियों को कम करेगी, बल्कि कोच में खाली बर्थ की सटीक जानकारी भी रियल-टाइम में अपडेट करेगी, जिससे आरएसी (RAC) और वेटिंग वाले यात्रियों को बर्थ अलॉटमेंट में आसानी होगी।
वर्तमान में इस सिस्टम को प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेनों और प्रीमियम ट्रेनों (जैसे राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत) में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है, जिसे जल्द ही सभी एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों में विस्तार दिया जाएगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल अधिकृत आईआरसीटीसी (IRCTC) वेबसाइट या रेलवे काउंटर से ही टिकट बुक करें। इस नई व्यवस्था से रेलवे की चेकिंग प्रक्रिया में गति आएगी और बिना टिकट या फर्जी टिकट पर सफर करने वालों के खिलाफ मौके पर ही सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माना वसूलना आसान हो जाएगा।







