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'खेत बचाओ अभियान': मंत्री केदार कश्यप बोले— लागत घटाएं और आय बढ़ाएं, रासायनिक छोड़ अब प्राकृतिक खेती अपनाएं किसान!

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में "खेत बचाओ अभियान" के तहत एक दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला और भव्य कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र नारायणपुर और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के वन, जलवायु परिवर्तन एवं जिला प्रभारी मंत्री केदार कश्यप शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से रासायनिक खादों और महंगे कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने की पुरजोर अपील की।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है बल्कि किसानों की शुद्ध आय बढ़ाने में भी मददगार है। यह मिट्टी की जैविक विविधता और उर्वरता को पुनर्जीवित कर आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि को सुरक्षित और टिकाऊ बनाती है। उन्होंने किसानों को स्थानीय संसाधनों पर आधारित कृषि पद्धतियों जैसे जीवामृत, बीजामृत और प्राकृतिक कीट प्रबंधन को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में कृषि, उद्यानिकी, पशुधन और मत्स्य विभाग द्वारा आधुनिक तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका अतिथियों ने बारीकी से अवलोकन किया।
किसानों को मिले उन्नत बीज और राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं का सम्मान
इस खास मौके पर मंत्री केदार कश्यप ने स्थानीय किसानों को हल्दी की उन्नत किस्म के प्रकंद, रागी के बीज और प्राकृतिक खेती से जुड़ी जरूरी सामग्रियां बांटीं। इसके साथ ही नारायणपुर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले प्रगतिशील किसानों को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इनमें 'मिलियनेयर कृषक अवार्ड' से सम्मानित चैतूराम यादव व नीलकंठ नाग, 'बेस्ट फार्मर' अवार्ड विजेता सुरेन्द्र नाग और राज्यपाल सम्मान से नवाजी गईं श्रीमती गीता नाग शामिल हैं।
कार्यशाला के दौरान कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण करना और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में मौजूद कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने किसानों को नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और अग्न्यास्त्र जैसे प्राकृतिक कीटनाशक बनाने की व्यावहारिक ट्रेनिंग भी दी। इस सफल आयोजन में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।







