रायपुर: जबलपुर में हुई नाव दुर्घटना के बाद रायपुर नगर निगम प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। महादेवघाट स्थित खारून नदी में नौका विहार के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी न हो, इसे लेकर नगर पालिक निगम की जोन 8 कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने महादेवघाट पहुंचकर मछुआरा संघ के सदस्यों के साथ बैठक की और स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा उपकरण अनिवार्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
जोन कमिश्नर ने बैठक में मछुआरों और नाव संचालकों को समझाइश दी कि किसी भी व्यक्ति को बिना लाइफ जैकेट पहने नदी में न ले जाया जाए। उन्होंने कहा कि जबलपुर जैसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए लाइफ जैकेट और अन्य जीवन रक्षक उपकरण नाव में होना अनिवार्य है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कोई संचालक बिना सुरक्षा इंतजामों के नौका विहार कराते पाया गया, तो उसका लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
जनहानि रोकने के लिए प्रशासन सख्त
श्रीमती राजेश्वरी पटेल ने कहा, "हमारी प्राथमिकता है कि खारून नदी के तट पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। किसी भी स्थिति में जनहानि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से महादेवघाट का निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि नावों में क्षमता से अधिक लोग न बैठें।
इस निरीक्षण और बैठक के दौरान कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा, सहायक अभियंता अमन चंद्राकर, जोन स्वास्थ्य अधिकारी गोपीचंद देवांगन और स्वच्छता निरीक्षक रितेश झा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन के इस सख्त रुख का उद्देश्य महादेवघाट को पर्यटन की दृष्टि से सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।








