Breaking
- Fire in Raipur Tar Factory: रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र की डामर फैक्ट्री ...
- Dhamtari Crime News: 8 साल तक छिपाकर रखे हीरे, बेचने निकला तो धमतरी पुलिस ने ...
- Dhamtari Crime News: 8 साल तक छिपाकर रखे हीरे, बेचने निकला तो धमतरी पुलिस ने ...
- Illegal Liquor Seized in Jagdalpur: जगदलपुर में दशहरा मेले में बेचने की तैयार...
- Korba Irrigation News: कोरबा के किसानों के लिए खुशखबरी, 12.45 करोड़ रुपये से ...
- Chhattisgarh Teacher Recruitment Politics: छत्तीसगढ़ में सरकारी शिक्षकों की स...
- Raipur Hospital Fire News: रायपुर के अस्पताल में बड़ा हादसा, ऑपरेशन थिएटर में...
- Bastar Dussehra Tradition: बस्तर दशहरा की 618 साल पुरानी परंपरा, दंतेवाड़ा से...
- Anti-Naxal Operation in Chhattisgarh: गरियाबंद में जमीन के नीचे छिपा रखा था म...
- Police Negligence in Surguja: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में वर्दी की शर्मनाक तस्...
Fire in Raipur Tar Factory: रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र की डामर फैक्ट्री में लगी भीषण आग, मची अफरातफरी, दमकल विभाग की टीम मौके पर मौजूद

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी घटना सामने आ रही है। रायपुर के व्यस्त उरला औद्योगिक क्षेत्र में उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया, जब एक डामर (टार) बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने के काम में जुट गई।

टार लीक होने से भड़की आग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उरला थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित 'पोरवाल टार प्रोडक्ट्स' (Porwal Tar Products) फैक्ट्री में हुआ है। घटना के वक्त फैक्ट्री के भीतर मजदूर अपने काम में व्यस्त थे, तभी अचानक आग भड़क उठी जिससे वहां कार्यरत कर्मियों में अफरातफरी मच गई। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि मैटेरियल प्रोसेसिंग के दौरान टार लीक होने की वजह से यह आग लगी है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आग को फैलने से रोकने के लिए कड़ी मशक्कत शुरू की।
दूसरी बार हुई आग लगने की घटना, सुरक्षा पर उठे सवाल
सबसे गंभीर बात यह है कि उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित इसी पोरवाल टार प्रोडक्ट्स फैक्ट्री में आग लगने की यह दूसरी घटना सामने आई है। बार-बार इस तरह के हादसे होने के बाद अब फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और वहां काम करने वाले मजदूरों की जान के जोखिम को लेकर बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि पहली घटना के बाद भी प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों को सुधारने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। फिलहाल, संबंधित विभागों की निगरानी और इस बार की घटना की तकनीकी जांच जारी है।






