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वेदांता पावर प्लांट पर फूटा श्रमिकों का गुस्सा: 200 कर्मचारियों को हटाने का आरोप, मुख्य गेट पर धरना देकर बोले– 'काम दो या जवाब दो'
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सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के अंतर्गत आने वाले सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट के बाहर ठेका श्रमिकों ने रोजगार बहाली की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। वर्तमान में करीब 70 श्रमिक प्लांट के मुख्य गेट पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। श्रमिकों का सीधा आरोप है कि हाल ही में प्लांट में हुए बॉयलर हादसे के बाद प्रबंधन ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से 200 से अधिक स्थानीय कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व सूचना के काम से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

इस अचानक की गई छंटनी की वजह से क्षेत्र के सैकड़ों प्रभावित परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और उनके लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। आंदोलनरत श्रमिकों ने प्लांट प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 'काम दो या जवाब दो' का नारा बुलंद किया है। प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग है कि हटाए गए सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी पर वापस लिया जाए और प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाए।
श्रमिकों के इस उग्र प्रदर्शन को देखते हुए वेदांता प्लांट के मुख्य गेट और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया और प्रबंधन ने अपना अड़ियल रवैया नहीं बदला, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक उग्र और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्लांट प्रशासन की होगी।







