छत्तीसगढ़ में जहां एक ओर पारा 44 डिग्री के पार है और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं अभनपुर क्षेत्र के एक गांव में विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते नहर की दीवार टूट गई, जिससे लाखों लीटर पानी गांव की गलियों और लोगों के घरों में घुस गया। भीषण गर्मी में अचानक आए इस 'जल प्रलय' से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई है और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की स्थिति लंबे समय से जर्जर थी और इसकी मरम्मत के लिए कई बार विभाग को अवगत कराया गया था, लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। नहर फटने से न केवल लोगों के घरों में रखा अनाज और सामान बर्बाद हो गया है, बल्कि पास के खेतों में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे गांव की सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं और लोग अपने घरों से पानी निकालने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत की मांग की है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। सूचना मिलने के बाद हालांकि कुछ कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज है कि उसे नियंत्रित करने में घंटों का समय लग रहा है। फिलहाल, राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन करने की तैयारी कर रही है, ताकि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा मिल सके।







