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नक्सलवाद का अंत: अमित शाह का बड़ा दावा, 400 सुरक्षा कैंप बनेंगे 'सेवा केंद्र', हर आदिवासी तक पहुंचेगा विकास

Chhattisgarh 20 May 2026 (15)

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RRT News- बस्तर से नक्सलवाद के पूरी तरह खात्मे के बाद पहली बार क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर में शांति स्थापना का श्रेय सुरक्षा बलों के पराक्रम को दिया। उन्होंने डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और कोबरा (CoBRA) के जवानों के अद्भुत साहस की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में उनके द्वारा चलाए गए अभियानों के कारण ही आज बस्तर हिंसा के काले दौर से बाहर निकलकर विकास की एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। अमित शाह ने इस बदलाव के लिए स्थानीय आदिवासियों के अटूट विश्वास और मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

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400 सुरक्षा कैंप बनेंगे 'सेवा केंद्र'

अपने दो दिवसीय बस्तर दौरे की शुरुआत केंद्रीय गृहमंत्री ने महान आदिवासी जननायक वीर शहीद गुंडाधुर की जन्मस्थली नेतानार से की। यहाँ उन्होंने शहीद गुंडाधुर को नमन किया और सीआरपीएफ (CRPF) कैंप में 'सेवा डेरा' का भव्य शुभारंभ किया। अमित शाह ने एक बड़ा दावा करते हुए घोषणा की कि क्षेत्र में स्थापित किए गए 400 सुरक्षा कैंपों को अब 'सेवा केंद्रों' के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से बस्तर के हर आदिवासी परिवार तक स्वास्थ्य, शिक्षा और राशन जैसी बुनियादी सरकारी सुविधाएं सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाई जाएंगी।

भावुक क्षण और विकास का संकल्प

गृहमंत्री के इस दौरे का सबसे संवेदनशील और भावुक क्षण आसना स्थित 'बादल परिसर' (BADAL Campus) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देखने को मिला, जहाँ उन्होंने स्थानीय समुदायों और शहीद परिवारों से मुलाकात की। अमित शाह ने साफ किया कि सुरक्षा बलों के कैंपों का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि बस्तर के सुदूर अंचलों में रहने वाले आदिवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। सरकार का मुख्य लक्ष्य अब बस्तर के कोने-कोने तक तेजी से सड़क, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना है ताकि नक्सलवाद की वापसी की हर गुंजाइश खत्म हो सके।

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