RRT News- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुरातत्व के क्षेत्र में एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी सफलता मिली है। यहाँ शोध के दौरान करीब 2,000 साल पुराना एक अत्यंत दुर्लभ ताम्रपत्र (copper plate) प्राप्त हुआ है। इस खोज ने इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के बीच हलचल मचा दी है। ताम्रपत्र पर अंकित लेख प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखे गए हैं, जो उस दौर के उच्च स्तरीय प्रशासनिक और सामाजिक ज्ञान को दर्शाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह खोज न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे राज्य के समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक अतीत को समझने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि यह ताम्रपत्र उस कालखंड की राजनीतिक स्थिति, भूमि दान, और शासन प्रणाली के बारे में अहम जानकारी प्रदान कर सकता है। जिस तरह से अक्षरों को उकेरा गया है, वह उस समय के कुशल कारीगरों और विद्वानों की दक्षता का प्रमाण देता है। यह लेख उस समय के राजाओं या तत्कालीन शासन व्यवस्था के बारे में नई ऐतिहासिक कड़ियाँ जोड़ सकता है, जो अब तक अज्ञात या धुंधली थीं। इस खोज से छत्तीसगढ़ के प्राचीन भूगोल और उस समय के लोगों के जीवन स्तर को समझने में नई दिशा मिलेगी।
फिलहाल, इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया गया है और राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा इसका विस्तृत विश्लेषण शुरू कर दिया गया है। जल्द ही भाषाविदों और इतिहास विशेषज्ञों की टीम इसके लेखों का पूर्ण अनुवाद करेगी ताकि इसके रहस्यों से पूरी तरह पर्दा उठ सके। राज्य सरकार ने इस खोज को संरक्षण देने और इसे भविष्य में संग्रहालय में प्रदर्शित करने की योजना बनाई है ताकि आम नागरिक और शोधकर्ता छत्तीसगढ़ की इस गौरवशाली विरासत को करीब से जान सकें। इतिहास प्रेमियों के लिए यह किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।








