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किसान की अनूठी जीत, बैंड-बाजे के साथ धान बेचने पहुंचा मंडी; हाईकोर्ट के आदेश के आगे झुका प्रशासन

Chhattisgarh 06 April 2026 (40)

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बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से न्याय और अधिकार की एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। यहाँ एक किसान को अपना ही धान बेचने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। प्रशासन द्वारा धान खरीदी से मना किए जाने के बाद, किसान ने हार नहीं मानी और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट से पक्ष में फैसला आने के बाद, किसान जश्न मनाते हुए 'बैंड-बाजे' के साथ धान की खेप लेकर मंडी पहुँचा। प्रशासन के अड़ियल रवैये के खिलाफ किसान के इस अनोखे विरोध और जीत की चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है।
पूरा मामला धान की फसल के पंजीयन और सरकारी खरीदी से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी कारणों या नियमों का हवाला देकर स्थानीय प्रशासन ने किसान का धान खरीदने से इनकार कर दिया था। इसके बाद किसान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अदालत ने मामले की गंभीरता और किसान के अधिकारों को देखते हुए प्रशासन को तत्काल धान खरीदने का आदेश जारी किया। कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद बेबस हुए प्रशासनिक तंत्र को आखिरकार घुटने टेकने पड़े और किसान का धान खरीदना पड़ा।
जब किसान गाजे-बाजे के साथ मंडी पहुँचा, तो वहां मौजूद अन्य किसान और कर्मचारी भी हैरान रह गए। किसान का कहना है कि यह केवल उसकी जीत नहीं है, बल्कि उन तमाम अन्नदाताओं की जीत है जो व्यवस्था की खामियों के कारण परेशान होते हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाकर आम आदमी भी अपनी आवाज बुलंद कर सकता है। फिलहाल, मंडी में बैंड-बाजे की धुन पर धान की तुलाई का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

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