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अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बड़ी बैठक: साइबर ठगों और मिलावटखोरों पर कसेगा शिकंजा, गृहमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

Chhattisgarh 20 May 2026 (19)

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RRT News- छत्तीसगढ़ के बस्तर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Regional Council) की एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस अहम बैठक में मध्य भारत के चार प्रमुख राज्यों—छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान आंतरिक सुरक्षा, अंतर-राज्यीय समन्वय, बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ आम जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों जैसे साइबर अपराध और मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने की संयुक्त रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

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साइबर ठगी पर वार: 1930 हेल्पलाइन होगी हाईटेक

डिजिटल दौर में बढ़ते वित्तीय अपराधों पर गहरी चिंता जताते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बैठक में शामिल सभी मुख्यमंत्रियों को साइबर सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी राज्य केंद्रीय गृह मंत्रालय के तय प्रारूप और गाइडलाइंस के अनुरूप अपने यहाँ '1930 साइबर सुरक्षा हेल्पलाइन' के कॉल सेंटरों को तुरंत अपडेट और अत्याधुनिक बनाएं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य साइबर ठगी के शिकार होने वाले नागरिकों को तत्काल राहत पहुंचाना और वित्तीय धोखाधड़ी की रकम को समय रहते फ्रीज कर अपराधियों तक तेजी से पहुंचना है।

मिलावटखोरों का नाम होगा सार्वजनिक, जनता को करेंगे जागरूक

बैठक का एक और बड़ा और जनहितैषी फैसला मिलावटखोरी के खिलाफ रहा। गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ दर्ज मामलों और उन पर लगाई जाने वाली पेनल्टी (जुर्माने) को सार्वजनिक रूप से विज्ञापित और प्रसिद्ध किया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब ऐसी दोषी दुकानों और ब्रांड्स के नाम मीडिया व सार्वजनिक मंचों पर सामने आएंगे, तो आम जनता को पता चल सकेगा कि कहाँ मिलावट वाली चीजें मिलती हैं। इससे न केवल उपभोक्ताओं की सेहत की रक्षा होगी, बल्कि मिलावटखोरों में कानून का खौफ भी पैदा होगा।

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