सूरजपुर: छत्तीसगढ़ में संविदा नियुक्ति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अंबिकापुर की टीम ने बुधवार देर शाम सूरजपुर जिले के सहकारिता निरीक्षक अभिषेक सोनी को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की योजना के तहत जिला सूरजपुर के रामानुजनगर, प्रेमनगर, सूरजपुर, भैयाथान और प्रतापपुर विकासखंडों में पांच बहुउद्देशीय किसान उत्पादक सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी/प्रबंधक और लेखापाल पदों पर तीन वर्षों के लिए संविदा भर्ती प्रक्रिया चल रही थी।
प्रतापपुर विकासखंड के करसी निवासी शुभम जायसवाल ने मां समलेश्वरी बहुउद्देशीय कृषक उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित, टुकुडांड (जिला सूरजपुर) में लेखापाल पद के लिए आवेदन किया था। 1 दिसंबर 2025 को जारी पात्र सूची में उनका नाम शामिल हुआ और 5 दिसंबर को आयोजित दक्षता परीक्षण, दस्तावेज सत्यापन, टाइपिंग टेस्ट व साक्षात्कार में उन्होंने सफलता प्राप्त की।
आरोप है कि नियुक्ति आदेश जारी करने के बदले सहकारिता निरीक्षक अभिषेक सोनी ने शुभम जायसवाल से 1 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। मोलभाव के बाद सौदा 80 हजार रुपये में तय हुआ, जिसमें 40 हजार रुपये पहली किश्त के रूप में देने की बात तय की गई।
आरोपी ने दबाव बनाते हुए 17 दिसंबर 2025 तक रकम नहीं देने पर किसी अन्य अभ्यर्थी को नियुक्ति देने की धमकी भी दी। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने ACB अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही ACB की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए रात करीब 8:25 बजे, सूरजपुर स्थित आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कार्यालय के उपायुक्त कक्ष में रिश्वत लेते समय आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
ACB अंबिकापुर के DSP प्रमोद कुमार खेस ने बताया कि शिकायतकर्ता का आवेदन प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई की गई। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन कानून के तहत वैधानिक प्रक्रिया जारी है।








