CG News - रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित 'डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग' में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देशभर से आए कंटेंट क्रिएटर्स का स्वागत करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत का ब्रांड एंबेसडर बनने का न्योता दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल आस्था और प्रकृति का संगम ही नहीं, बल्कि अब विकास की नई इबारत लिख रहा राज्य है। उन्होंने क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे अपने प्रभाव का उपयोग करके बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, वहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और राज्य की सकारात्मक प्रगति को देश-दुनिया तक पहुंचाएं, ताकि लोगों के मन में बसी पुरानी धारणाएं बदल सकें और राज्य की नई पहचान स्थापित हो सके।
प्रदेश के बदलते परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नक्सलवाद की छाया से जूझ रहा छत्तीसगढ़ अब तेजी से विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन और केंद्र व राज्य सरकार के संकल्प के परिणामस्वरूप आज राज्य नक्सलवाद से मुक्ति की ओर निर्णायक कदम बढ़ा चुका है। उन्होंने 'नियद नेल्ला नार योजना', बस्तर ओलंपिक और निवेश के भारी प्रस्तावों का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे बुनियादी सुविधाएं अब सुदूर अंचलों तक पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री ने बस्तर के धुरमारास गांव को वैश्विक स्तर पर मिली पहचान को भी प्रदेश के पर्यटन विकास के लिए एक बड़ी सफलता बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के सामने शांति और संभावनाओं का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स को डिजिटल युग में 'धारणा निर्माण' (Perception Building) की अहम जिम्मेदारी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि क्रिएटर्स को पूर्वाग्रहों से ऊपर उठकर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि और यहां हो रहे वास्तविक बदलाव को प्रस्तुत करना चाहिए। यह डायलॉग न केवल राज्य के विकास को रेखांकित करने का माध्यम बना, बल्कि सोशल मीडिया की उस ताकत को भी दर्शाया जो एक सकारात्मक समाज और राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा रही है।







