दुर्ग। CG Crime : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने नकली नोट छापकर बाजारों में खपाने वाले एक दंपति को रंगे हाथों पकड़कर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। रानीतराई थाना क्षेत्र के साप्ताहिक बाजार में नकली नोट चलाते हुए पति-पत्नी की गिरफ्तारी से इलाके में सनसनी फैल गई है।
बाजार में नकली नोट चलते ही खुला राज
घटना 29 दिसंबर की है, जब रानीतराई साप्ताहिक बाजार में सब्जी विक्रेता तुलेश्वर सोनकर को 500 रुपये का एक नोट संदिग्ध लगा। नोट की जांच करने पर उसके नकली होने की पुष्टि हुई। इसके बाद व्यापारियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बाजार में खरीदारी कर रहे एक दंपति को रोककर पूछताछ की, जिसमें सारा मामला खुल गया।
रायपुर निवासी दंपति निकले मास्टरमाइंड
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण कुमार तुरंग (50) और उसकी पत्नी राखी तुरंग (40), निवासी मुजगहन (सोनपैरी), रायपुर के रूप में हुई है। तलाशी में पुलिस ने उनके पास से ₹1,70,500 के नकली नोट (500, 200 और 100 रुपये के), कलर प्रिंटर और बॉन्ड पेपर बरामद किया।
घर में ही छाप रहे थे जाली नोट
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी घर में ही साधारण तरीके से नकली नोट तैयार कर रहे थे। नोटों की क्वालिटी इतनी खराब थी कि हल्के बॉन्ड पेपर की वजह से उन्हें आसानी से पहचाना जा सकता था। पूछताछ में दंपति ने यह भी कबूल किया कि वे पहले पाटन क्षेत्र के बाजारों में भी नकली नोट खपा चुके हैं।
यूट्यूब से सीखी थी पूरी तकनीक
आरोपियों ने बताया कि आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव के चलते उन्होंने यह रास्ता चुना। फिर यूट्यूब पर वीडियो देखकर नकली नोट छापने की जानकारी ली। ऑनलाइन प्रिंटर और पेपर मंगवाया और धीरे-धीरे बाजारों में नकली नोट चलाने लगे।
पुलिस के अनुसार अरुण तुरंग पहले भी चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है।








