Breaking

छत्तीसगढ़ में अफसरों के लिए नई गाइडलाइन: मंगलवार और बुधवार को दफ्तर में रहना अनिवार्य; दौरों के नाम पर नहीं बना सकेंगे बहाना।

Chhattisgarh RRT News Desk 06 February 2026

post

Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और गति लाने के लिए अधिकारियों की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, अब राज्य के सभी अधिकारियों को सप्ताह में दो दिन, यानी मंगलवार और बुधवार को अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय या मुख्यालय में उपस्थित रहना होगा। यह आदेश इसलिए जारी किया गया है क्योंकि शासन के संज्ञान में आया था कि 'फील्ड विजिट' के नाम पर अधिकारी अक्सर दफ्तरों से नदारद रहते हैं, जिससे आम जनता के काम अटक जाते हैं।

Advertisement

GAD सचिव अविनाश चंपावत द्वारा जारी इस नई समय-सारणी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फाइलों का निपटारा समय पर हो और जन-सुनवाई के लिए आने वाले नागरिकों को भटकना न पड़े। मंगलवार और बुधवार का दिन विशेष रूप से विभागीय समीक्षा, फाइलों के निराकरण और आम जनता की समस्याओं को सुनने के लिए तय किया गया है। इस दौरान अधिकारियों को किसी भी बाहरी दौरे पर जाने की अनुमति नहीं होगी, जब तक कि कोई आपातकालीन स्थिति न हो।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केवल कानून-व्यवस्था की स्थिति, अति आवश्यक सरकारी कार्य या वरिष्ठ कार्यालयों (जैसे मंत्रालय) की महत्वपूर्ण बैठकों में बुलाए जाने पर ही मुख्यालय छोड़ने की छूट दी जाएगी। इसके अलावा, अन्य सभी कार्यों के लिए गुरुवार और शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया है। इन दो दिनों में अधिकारी क्षेत्रीय निरीक्षण (Field Visit), प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग और बाहरी दौरों का नियोजन कर सकेंगे।

राज्य सरकार ने इस आदेश को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई अधिकारी बिना ठोस कारण के मंगलवार या बुधवार को कार्यालय से अनुपस्थित पाया जाता है, तो इसे 'अनुशासनहीनता' माना जाएगा और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सुशासन की इस नई व्यवस्था से उम्मीद जताई जा रही है कि सरकारी कार्यालयों में लेटलतीफी और फाइलों के लंबे समय तक लंबित रहने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा।

यह नया नियम राजपत्रित (Gazetted) और अराजपत्रित, दोनों श्रेणी के अधिकारियों पर समान रूप से लागू होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार लगातार 'ई-ऑफिस' और बायोमेट्रिक उपस्थिति जैसे डिजिटल सुधारों के जरिए प्रशासन को जवाबदेह बनाने का प्रयास कर रही है। इस नए शेड्यूल से न केवल सरकारी कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी भी कम होगी।

You might also like!