रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल अंतर्गत अबूझमाड़ की प्रतिभाशाली और जांबाज बेटी खुशबू नाग ने देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित भव्य भारत मंडपम में आयोजित प्रतिष्ठित 'IHFF शेरू क्लासिक 2026' (Sheru Classic 2026) प्रतियोगिता में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। खुशबू नाग ने इस राष्ट्रीय स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया, बल्कि 'OVERALL CHAMPION' का प्रतिष्ठित खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। उनकी इस अभूतपूर्व और स्वर्णिम उपलब्धि से पूरे नारायणपुर जिले, बस्तर अंचल और छत्तीसगढ़ प्रदेश में हर्ष और जश्न का वातावरण है।
इस ऐतिहासिक कामयाबी पर प्रदेश के वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा नारायणपुर के स्थानीय विधायक केदार कश्यप ने सोशल मीडिया के माध्यम से खुशबू नाग को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
खुशबू की तारीफ करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ, वनांचल और चुनौतीपूर्ण अंचल से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की इतनी प्रतिष्ठित और बड़ी प्रतियोगिता में सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करना अत्यंत गौरव और देश-प्रदेश के लिए प्रेरणा का विषय है। खुशबू नाग की यह शानदार सफलता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि अगर मन में दृढ़ संकल्प, अथक परिश्रम करने का जज्बा और खुद पर अटूट आत्मविश्वास हो, तो दुनिया का कोई भी बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि आज हमारे छत्तीसगढ़ की बेटियां शिक्षा, खेल, कला, विज्ञान और अन्य सभी क्षेत्रों में अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और हर मंच पर सफलता की नई गाथा लिख रही हैं। खुशबू नाग ने अपनी इस बड़ी उपलब्धि से न केवल अपने परिवार और बस्तर क्षेत्र का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य को राष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है।
मंत्री कश्यप ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि खुशबू नाग आने वाले समय में अपनी मेहनत के दम पर और भी बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर देश एवं प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चमकाएंगी। उन्होंने उनके सुनहरे भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वनांचल की बेटी की यह सफलता छत्तीसगढ़ के हजारों युवाओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए आगे बढ़ने का एक बड़ा जरिया और प्रेरणा का अटूट स्रोत बनेगी।
"अबूझमाड़ की बेटी ने राष्ट्रीय मंच पर यह पूरी तरह सिद्ध कर दिया है कि सच्ची प्रतिभा और कड़े परिश्रम के सामने कोई भी भौगोलिक दूरी, कोई चुनौती और कोई भी परिस्थिति कभी बाधा नहीं बन सकती।"







