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जिला प्रशासन अलर्ट,फर्जी खरीदी पर सख्ती…

छत्तीसगढ़ के जिला धमतरी में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस बार प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों में अवैध रूप से या बाहर से धान लाने वालों की अब खैर नहीं होगी। कलेक्टर ने ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी टीमों और उड़नदस्ता दलों का गठन किया है, जो पूरे जिले में लगातार निगरानी रखेंगे।

दरअसर,राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक तय की है। इसके लिए जिले के सभी उपार्जन केंद्रों को तैयार करने का काम अंतिम चरण में है। खरीदी शुरू होने से पहले प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि केवल पात्र किसानों से ही धान खरीदा जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे।
कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों, नोडल अधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि किसानों का पंजीयन, माप-तौल और परिवहन कार्य समय पर और पारदर्शी तरीके से हो। उन्होंने कहा कि धान उपार्जन केंद्रों में अनधिकृत व्यक्तियों की एंट्री सख्ती से प्रतिबंधित होगी। किसी भी व्यक्ति द्वारा दूसरे जिले या राज्य से धान लाकर बेचने की कोशिश की गई तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
उड़नदस्ता दलों को जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर नियमित निरीक्षण करने, वाहनों की जांच करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ये टीमें खेतों से लेकर खरीदी केंद्र तक की गतिविधियों की निगरानी करेंगी। यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य दिलाना है, न कि बिचौलियों या फर्जी व्यापारियों को लाभ पहुंचाना। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में कुछ जगहों पर बाहर से धान लाकर बेचने के मामले सामने आए थे, जिससे वास्तविक किसानों को नुकसान हुआ था। इस बार ऐसे किसी भी प्रयास को सख्ती से रोका जाएगा।
प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि वे अपने पंजीकृत उपार्जन केंद्र में ही धान बेचें और निर्धारित नियमों का पालन करें। सभी खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, छायादार शेड, माप-तौल के यंत्र और परिवहन की व्यवस्था की जा रही है।
इसी के साथ, खरीदी कार्य की निगरानी के लिए जिले में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। कंट्रोल रूम से प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष जिले में धान खरीदी का लक्ष्य पिछले साल की तुलना में अधिक रखा गया है। किसानों का पंजीयन कार्य पहले ही पूरा हो चुका है और अधिकांश उपार्जन केंद्रों में तैयारी लगभग पूरी है।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खरीदी के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि धान खरीदी राज्य सरकार की प्राथमिकता है, और इसमें पारदर्शिता ही सबसे बड़ा लक्ष्य है।
प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद की जा रही है कि इस बार धमतरी जिले में फर्जी खरीदी के मामले सामने नहीं आएंगे और किसानों को उनका हक बिना किसी परेशानी के मिलेगा।







