Breaking
- Raipur Health News: छत्तीसगढ़ आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़ा, 15 अस्पतालो...
- Jashpur News: एस्ट्रोनाट ट्रेनिंग इनीशिएटिव में 9,533 परीक्षार्थी हुए शामिल, ...
- Janjgir-Champa News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिवरीनारायण में भगवान नर-न...
- Surajpur Social Welfare News: सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांग धनेश्वर साहू...
- Kawardha News: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सहसपुर लोहारा में 48 लाख के एसडीए...
- Raipur Sports News: छत्तीसगढ़ में पहली बार होगा अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट म...
- Raipur News: समिति प्रबंधकों और फड़मुंशियों को मिलेगी 2-2 लाख रुपए की सामाजिक ...
- Bijapur Naxal Surrender News: बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता, 35...
- Crime News: CAF जवान को बंधक बनाकर मारपीट, 11 लाख के लेन-देन विवाद में स्टाम्...
- Crime News: कवर्धा में हथियार लहराकर लोगों को धमकाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, ...
CG News : कांकेर में मासूम बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर सांसद बृजमोहन सख्त, लोकसभा में उठाया एक्सपायर दवाओं के गलत निपटान का मुद्दा

नई दिल्ली/रायपुर। CG News : जनहित के मुद्दों पर निर्भीक और संवेदनशील आवाज़ उठाने वाले सांसद बृजमोहन ने लोकसभा में कांकेर जिले के एक सब-हेल्थ सेंटर में हुई गंभीर लापरवाही की घटना को मजबूती से उठाकर पूरे देश का ध्यान फार्मास्यूटिकल वेस्ट मैनेजमेंट जैसी अत्यंत संवेदनशील समस्या की ओर आकृष्ट किया है।

सांसद अग्रवाल ने सदन को अवगत कराया कि कांकेर के सब-हेल्थ सेंटर में एक्सपायर हो चुकी दवाओं को जलाए जाने से निकला जहरीला धुआं पास के स्कूल के कक्षाओं तक फैल गया, जिससे कई मासूम बच्चों को चक्कर आने और सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि पूरे राज्य और देश के लिए एक चेतावनी भी है कि गलत वेस्ट मैनेजमेंट किस तरह मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को खतरे में डाल सकता है।
लोकसभा में बोलते हुए अग्रवाल ने कहा कि देश के कई हिस्सों में एक्सपायर दवाओं को सीवेज सिस्टम, खेती की जमीन या खुले गड्ढों में फेंक दिया जाता है, जिससे जहरीले रसायन मिट्टी और भूजल को प्रदूषित कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह प्रवृत्ति भविष्य की पीढ़ियों के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से CDSCO की गाइडलाइंस और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के तहत पूरे देश में सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की। उन्होंने यह भी जोर दिया कि सभी संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को दवाओं के सुरक्षित निपटान के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाए।
भविष्य में कांकेर जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अग्रवाल ने दूरदर्शी और व्यावहारिक सुझाव भी रखे, जिनमें हर जिले में एक्सपायर दवाओं के सुरक्षित डिस्पोजल के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना और नए अस्पतालों को मंजूरी देने से पहले मेडिकल व फार्मास्यूटिकल वेस्ट डिस्पोजल की अनिवार्य सुविधा लागू की जाए इसके साथ ही नियमों के सख्त पालन हेतु जिला-स्तरीय कम्प्लायंस और मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाए।
यह संसदीय हस्तक्षेप सांसद बृजमोहन अग्रवाल के उस दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, जिसमें वे बच्चों के स्वास्थ्य, आम नागरिकों की सुरक्षा और पर्यावरण की शुद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करते। उनकी यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में फार्मास्यूटिकल वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर एक नई गंभीरता और जिम्मेदारी की दिशा तय करेगी।







