Breaking
- Horoscope Today 23 October 2026: जानिए क्या कहते हैं आज आपके सितारे? मिथुन रा...
- Diwali Home Decor Tips 2026: दिवाली पर छोटे घर को दें लग्जरी और मॉडर्न लुक, इ...
- Ola Electric Notice in Chhattisgarh: ओला इलेक्ट्रिक के 3,000 वाहनों का पंजीयन...
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर में नुआखाई महोत्सव के 'सेवा सम्मान पर्व' ...
- आपसी विवाद में खूनी संघर्ष, चाकूबाजी में एक युवक की मौत और दूसरा घायल, आरोपी ...
- Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में लुढ़का पारा, अंबिकापुर में न्यूनतम...
- छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों को मिलने जा रहा बड़ा तोहफा, अब बढ़कर 30,870 रुपये हो...
- उद्घाटन से पहले ही रायपुर-विशाखापत्तनम भारतमाला हाईवे में पड़ी दरारें, गुणवत्...
- Mata Hasi Devi 200th Jayanti: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर में जारी कि...
- दीपावली से पहले मिठाइयों की दुकानों पर खाद्य विभाग का छापा, फ्रीजर बंद मिलने ...
₹10 करोड़ का 'म्यूल अकाउंट' घोटाला: साइबर ठगों के खेल में बैंक कर्मी भी शामिल, 30 बैंक खातों से अवैध लेन-देन उजागर

RRT News- बिलासपुर डिजिटल क्रांति के इस दौर में साइबर अपराधियों ने ठगी की रकम को सुरक्षित रूप से ठिकाने लगाने और कानून की नजरों से खुद को बचाने के लिए एक बेहद खतरनाक पैटर्न अपनाया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में ऐसे ही एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जहाँ शातिर अपराधी युवा बेरोजगारों, कॉलेज छात्रों और गरीब मजदूरों को अपना मोहरा बना रहे हैं। ये अपराधी इन जरूरतमंद लोगों की आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर महज 5 से 10 हजार रुपये के लालच में उनके बैंक खाते, एटीएम (ATM) कार्ड और सिमकार्ड अपने कब्जे में ले लेते हैं। इसके बाद, इन खातों का पूरा संचालन अपराधी खुद करते हैं ताकि देश भर से ठगी गई रकम को आसानी से सफेद किया जा सके।

₹10 करोड़ का फर्जी ट्रांजैक्शन और बैंक कर्मियों की मिलीभगत
बिलासपुर जिले के विभिन्न थानों में दर्ज कुल 13 साइबर अपराध के मामलों की सघन जांच के दौरान इस चौंकाने वाले खेल का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में अब तक ऐसे 30 संदिग्ध बैंक खाते सामने आए हैं, जो मूल रूप से गरीब तबके और छात्रों के नाम पर हैं, लेकिन इनके जरिए लगभग ₹10 करोड़ से अधिक का संदिग्ध और अवैध लेन-देन (फर्जी ट्रांजैक्शन) किया गया है। इस पूरे घोटाले का सबसे गंभीर और चिंताजनक पहलू यह है कि इस खेल में कुछ स्थानीय बैंक कर्मियों की मिलीभगत भी उजागर हुई है, जो नियमों को ताक पर रखकर बिना उचित वेरिफिकेशन के धड़ाधड़ खाते खोलने और एक्टिवेट करने में इन साइबर ठगों की मदद कर रहे थे।
'म्यूल अकाउंट' के जाल से बचने की प्रशासनिक चेतावनी
जांचकर्ताओं के अनुसार, ऐसे खातों को साइबर अपराध की भाषा में 'म्यूल अकाउंट' (Mule Account) कहा जाता है, जिसका उपयोग केवल पैसों की हेराफेरी और ट्रेल को उलझाने के लिए होता है। पुलिस ने इन खातों को सीज कर दिया है और इसमें शामिल बैंक कर्मचारियों के साथ-साथ मुख्य मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए सायबर सेल की विशेष टीमें लगा दी हैं। बिलासपुर पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स ने आम जनता, विशेषकर युवाओं और छात्रों से अपील की है कि वे चंद रुपयों के लालच में आकर कभी भी अपना बैंक खाता, पासबुक, आधार विवरण या सिम कार्ड किसी अज्ञात व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें, अन्यथा वे न चाहते हुए भी इस अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी का हिस्सा बनकर जेल पहुंच सकते हैं।







