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छत्तीसगढ़ में जनगणना की तैयारी तेज: 2 चरणों में होगा महाअभियान, 62,500 कर्मचारी घर-घर जाकर पूछेंगे 33 सवाल

RRT News - छत्तीसगढ़ में बहुप्रतीक्षित जनगणना का कार्य अब गति पकड़ने वाला है। शासन की योजना के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न की जाएगी। पहले चरण में मकानों की सूची तैयार की जाएगी और मकानों का नंबरिंग कार्य होगा, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या की वास्तविक गणना की जाएगी। इस विशाल कार्य को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासन ने ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है, ताकि राज्य के हर परिवार और व्यक्ति का सटीक डेटा संकलित किया जा सके।

62,500 कर्मियों की बड़ी फौज तैनात
जनगणना के इस महाभियान को सफल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशभर में 62,500 अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती का फैसला लिया है। इसमें शिक्षक, राजस्व विभाग के कर्मचारी और नगरीय निकायों के अमले को शामिल किया गया है। रायपुर सहित सभी जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दें। इन कर्मचारियों को डिजिटल माध्यमों और मोबाइल ऐप का उपयोग करने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जिससे डेटा एंट्री में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे।
पूछे जाएंगे 33 अनिवार्य सवाल
इस बार की जनगणना में प्रत्येक परिवार से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इन सवालों में परिवार के मुखिया का नाम, सदस्यों की संख्या, शिक्षा का स्तर, पेयजल के स्रोत, घर का प्रकार (कच्चा या पक्का), शौचालय की सुविधा, वाहन और संचार के साधनों (जैसे मोबाइल, इंटरनेट) की जानकारी शामिल होगी। इसके अलावा, धर्म, जाति और मुख्य व्यवसाय से संबंधित डेटा भी एकत्र किया जाएगा। यह जानकारी सरकारी योजनाओं के भविष्य में बेहतर क्रियान्वयन और संसाधन आवंटन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डिजिटल जनगणना पर विशेष जोर
आधुनिकता को अपनाते हुए इस बार डिजिटल जनगणना पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कर्मचारी सीधे टैबलेट या स्मार्टफोन के जरिए जानकारी पोर्टल पर अपलोड करेंगे, जिससे रिपोर्ट तैयार करने में लगने वाले समय में कमी आएगी। रायपुर संभाग में इसके लिए विशेष कंट्रोल रूम भी बनाए जा रहे हैं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे घर पहुँचने वाले गणना कर्मियों को सही और सटीक जानकारी दें, क्योंकि आपके द्वारा दी गई जानकारी ही राज्य के विकास की नई पटकथा लिखने में सहायक होगी।







