छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया। मंत्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता केवल बीमारियों का इलाज करना ही नहीं, बल्कि उनकी समय पर पहचान और प्रभावी रोकथाम करना है ताकि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सकें।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि विभाग की रीढ़ माने जाने वाले मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए पिछले दो वर्षों में 1639 पदों पर नियुक्तियाँ की गई हैं। इसमें डॉक्टर, नर्स और अन्य कैडरों के पद शामिल हैं। साथ ही, 2300 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत हर माह ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से सीधी भर्ती की जा रही है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।
राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग और PM-ABHIM योजना के माध्यम से प्रदेश में 3 जिला अस्पताल, 10 सिविल अस्पताल और सेंदरी में 200 बिस्तरों वाले मानसिक अस्पताल को मंजूरी दी गई है। आने वाले तीन वर्षों में राज्य के सभी विकासखंडों में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) और सभी जिला अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक IPHL लैब स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत छत्तीसगढ़ ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मंत्री ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में 31.44 लाख से अधिक क्लेम प्रकरणों के माध्यम से 4551 करोड़ रुपये का मुफ्त इलाज जनता को उपलब्ध कराया गया है। प्रदेश के 90 प्रतिशत राशन कार्डधारकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के जरिए गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 2273 लाभार्थियों को 62.20 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।
गंभीर बीमारियों पर नियंत्रण के मोर्चे पर भी छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है। मलेरिया की दर 4.6% से घटकर 0.59% रह गई है, जबकि 4106 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया पर फोकस करते हुए 1.68 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। आने वाले समय में 375 नई एम्बुलेंस और 75 हाट बाजार मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की शुरुआत की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था और भी सुदृढ़ होगी।



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