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Heatwave Alert: छत्तीसगढ़ में सूरज के तेवर सख्त! राजनांदगांव में पारा 44°C के पार, 16 जिलों में 'लू' का साया; IMD का येलो अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल के मध्य में ही प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुँच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को राजनांदगांव जिला प्रदेश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया, जहाँ पारा 44.0°C तक पहुँच गया है। भीषण गर्मी और गर्म हवाओं (लू) के चलते मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। दोपहर होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर रहा है और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में छत्तीसगढ़ पर एंटी-साइक्लोन (प्रति चक्रवात) का प्रभाव देखा जा रहा है, जिससे तापमान में लगातार उछाल आ रहा है। राजनांदगांव के अलावा रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कई इलाकों में लू (Heatwave) जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि अगले कुछ दिनों तक राहत की संभावना कम है, क्योंकि प्रदेश में शुष्क हवाओं का दौर जारी रहेगा। दिन के समय चलने वाली गर्म हवाएं स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं, इसलिए प्रशासन ने नागरिकों को विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है।
इस गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर दी है। अस्पतालों में लू और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के मरीजों की संख्या में वृद्धि न हो, इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस घोल और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करें। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह गर्मी विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है, इसलिए उन्हें सीधे धूप के संपर्क में आने से बचाना अनिवार्य है।
छत्तीसगढ़ के किसान भी इस भीषण गर्मी से परेशान हैं, क्योंकि तेज धूप के कारण फसलों पर भी बुरा असर पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से अब लू से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 20 अप्रैल के बाद प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ हल्की राहत की उम्मीद है, लेकिन तब तक लोगों को भीषण तपिश का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल, पूरे प्रदेश में गर्मी से राहत पाने के लिए लोग इंद्रदेव से बारिश की कामना कर रहे हैं।







