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कुसुम स्मेल्टर्स प्लांट में फिर हादसा, मेंटेनेंस के दौरान गर्म स्पंज आयरन की चपेट में आने से 3 कर्मचारी झुलसे

मुंगेली: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के सरगांव औद्योगिक क्षेत्र से एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली बड़ी खबर सामने आई है। सरगांव क्षेत्र के ग्राम रामबोड़ में संचालित 'कुसुम स्मेल्टर्स प्लांट' में एक बार फिर दर्दनाक औद्योगिक दुर्घटना (Industrial Accident) घटित हुई है। 18 जून 2026 की सुबह लगभग 7 बजे प्लांट के भीतर नियमित मेंटेनेंस (रखरखाव) का कार्य चल रहा था, तभी अचानक भट्टी या पाइपलाइन से निकले बेहद गर्म स्पंज आयरन (Sponge Iron) की चपेट में आने से वहां तैनात तीन कर्मचारी आंशिक रूप से झुलस गए। इस हादसे के बाद प्लांट परिसर में हड़कंप मच गया।

मिली जानकारी के अनुसार, रोज की तरह सुबह की शिफ्ट में कर्मचारी प्लांट के भीतर मशीनों और उपकरणों की रूटीन चेकिंग व मेंटेनेंस का काम कर रहे थे। इसी दौरान तकनीकी खामी या अचानक हुए प्रेशर के कारण अत्यधिक गर्म स्पंज आयरन का मलबा कर्मचारियों के ऊपर आ गिरा। गर्म लोहे और उसकी भाप की चपेट में आते ही तीनों कर्मचारी चिल्लाने लगे। वहां मौजूद अन्य सहकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह बीच-बचाव किया और घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना के तुरंत बाद प्लांट प्रबंधन और साथी कर्मचारियों की मदद से तीनों घायल श्रमिकों को बिना वक्त गंवाए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। अस्पताल से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, समय पर इलाज मिलने के कारण तीनों कर्मचारियों की स्थिति पूरी तरह से सामान्य और स्थिर (Stable) बनी हुई है। वे खतरे से बाहर हैं, लेकिन झुलसने के कारण उन्हें डॉक्टरों की गहन निगरानी में रखा गया है।
इस हादसे ने कुसुम स्मेल्टर्स प्लांट में सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि स्थानीय ग्रामीणों और श्रमिक संगठनों का आरोप है कि इस प्लांट में पहले भी इस तरह की औद्योगिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और श्रम विभाग की टीम मामले की जांच में जुट गई है। अधिकारी इस बात की तफ्तीश कर रहे हैं कि मेंटेनेंस कार्य के दौरान कर्मचारियों को अनिवार्य सुरक्षा उपकरण (Safety Gears) जैसे फायर-प्रूफ सूट, ग्लव्स और हेलमेट उपलब्ध कराए गए थे या नहीं, और क्या हादसे के पीछे प्रबंधन की कोई बड़ी लापरवाही रही है।







