रायपुर/नई दिल्ली। जल जीवन मिशन 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार को नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव, लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ मिशन की प्रगति और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों, परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े सुझाव साझा किए। ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक के दौरान मिशन के समयबद्ध क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग और केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 की प्रमुख विशेषताओं, कार्ययोजना और क्रियान्वयन रणनीति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में जनप्रतिनिधियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। सांसदों से जिला स्तरीय DIHSA बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाने, योजनाओं में आने वाली बाधाओं के समाधान में सहयोग देने तथा 'जल अर्पण' कार्यक्रमों के माध्यम से पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं के लोकार्पण और ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण की प्रक्रिया को गति देने का आग्रह किया गया।
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, संतोष पांडेय, ज्योत्सना महंत, कमलेश जांगड़े, राधेश्याम राठिया, महेश कश्यप, चिंतामणि महाराज, रूपकुमारी चौधरी, भोजराज नाग सहित राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम भी मौजूद रहे। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक़ और केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।







