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Rajyotsav 2026 : राज्योत्सव परिसर में कृषि विभाग की प्रदर्शनी में किसानों को मिल रही आधुनिक खेती और उन्नत किस्मों की जानकारियां

Chhattisgarh 03 November 2026 (5)

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नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव परिसर में कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल पर किसानों को आधुनिक खेती, पारंपरिक बीजों के संरक्षण और फसल विविधीकरण की विस्तृत जानकारियां दी जा रही हैं। धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में कृषि विरासत को सहेजने के साथ-साथ उन्नत धान प्रजातियों, दलहन-तिलहन, मोटे अनाज और उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आर्थिक समृद्धि के नए रास्ते खोले जा रहे हैं।

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इस स्टॉल पर राज्य के विभिन्न जिलों की माटी और जलवायु के अनुकूल पारंपरिक सुगंधित धान किस्मों का भव्य प्रदर्शन किया गया है, जिनमें कोरिया का श्री कमल, सूरजपुर का श्याम जीरा, बिलासपुर का समुंद चीनी, दुर्ग का कालिका मोद और रायपुर का दुबराज जैसी प्रमुख किस्में शामिल हैं। इसके अलावा औषधीय गुणों से भरपूर और उच्च गुणवत्ता वाली 20 से अधिक धान की प्रजातियों की उत्पादकता और बाजार मांग के बारे में भी किसानों को समझाया जा रहा है।

फसल विविधीकरण को गति देने के लिए राज्य शासन की 'कृषक उन्नति योजना' के बारे में विशेष रूप से बताया जा रहा है। इस योजना के तहत खरीफ मौसम में धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी या कपास की खेती करने वाले किसानों को 15,000 रुपए प्रति एकड़ तथा पहले से वैकल्पिक फसल ले रहे किसानों को 10,000 रुपए प्रति एकड़ की आदान सहायता राशि सीधे बैंक खाते में दी जा रही है।

प्रदर्शनी में दलहन संवर्ग के तहत चना, तिवड़ा, मूंग, उड़द, अरहर, मसूर और मटर की उन्नत किस्मों के बीज प्रदर्शित किए गए हैं। साथ ही रबी की सफल खेती के लिए गेहूं की उन्नत किस्मों अवंति और कनिष्का की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे किसानों को आगामी फसल सीजन के लिए बेहतर तकनीकी मार्गदर्शन मिल सके।

तिलहन फसलों के अंतर्गत अलसी की 12 किस्मों के साथ-साथ सरसों, कुसुम, सूरजमुखी, सोयाबीन, रामतिल और तिल की विभिन्न उन्नत प्रजातियों को प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा लघु धान्य फसलों जैसे 'सी.जी. कोदो-2' की आधुनिक तकनीकों से भी किसानों को परिचित कराया जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।

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