Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के पांच प्रमुख देवी मंदिरों को जोड़कर एक भव्य 'शक्तिपीठ सर्किट' बनाने की घोषणा की गई थी। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि दो साल का समय बीत जाने के बाद भी यह योजना केवल कागजों तक सीमित है।
कौन से हैं वो पांच शक्तिपीठ?
इस योजना के तहत सूरजपुर की कुदरगढ़ी देवी, चंद्रपुर की चंद्रहासिनी देवी, रतनपुर की महामाया देवी, डोंगरगढ़ की बम्लेश्वरी देवी और दंतेवाड़ा की दंतेश्वरी माता को एक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ा जाना है।
देरी का कारण और वर्तमान स्थिति:
प्रस्तावित योजना का उद्देश्य बुनियादी ढांचे का विकास, सड़कों का चौड़ीकरण और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना था। हालांकि, बजट आवंटन और प्रशासनिक तालमेल की कमी के कारण अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जिससे स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों और श्रद्धालुओं में निराशा है।
अगर यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो छत्तीसगढ़ न केवल धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर मजबूती से उभरेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस दिशा में कब ठोस कदम उठाता है।



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