RRT News- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अंतर्गत आने वाले छोटेडोंगर क्षेत्र में धर्मांतरण को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। क्षेत्र में लगातार हो रहे धार्मिक बदलावों और इससे उपजे सामाजिक असंतोष के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई है। स्थानीय निवासियों और विभिन्न समुदायों के बीच चल रही इस खींचतान ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि प्रशासन की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।
इसी बीच, सर्व आदिवासी समाज (SAS) ने इस मामले में मोर्चा खोल दिया है। समाज ने स्पष्ट रूप से 'घर वापसी' का अल्टीमेटम दिया है। उनका तर्क है कि धर्मांतरण के कारण आदिवासियों की मूल संस्कृति, परंपराएं और रूढ़ियां खतरे में पड़ रही हैं। समाज का कहना है कि जो लोग अपनी संस्कृति से दूर चले गए हैं, उन्हें वापस अपनी परंपराओं में लौटना चाहिए, ताकि आदिवासी पहचान को अक्षुण्ण रखा जा सके।
सर्व आदिवासी समाज का यह कदम क्षेत्र में सामाजिक समरसता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया बताया जा रहा है। समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि धर्मांतरण के मामलों से गांव-गांव में आपसी भाईचारा प्रभावित हो रहा है और पुरानी मान्यताओं का पालन करने वालों और नए धर्म अपनाने वालों के बीच दूरियां बढ़ रही हैं। इस सामाजिक विखंडन को रोकने के लिए वे अब कड़ा रुख अपना रहे हैं और अपनी मांगों पर अडिग हैं।
क्षेत्र में बढ़ते इस तनाव को देखते हुए पुलिस और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों के बीच संवाद स्थापित करने की कोशिशें की जा रही हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाला जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल, इस संवेदनशील मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है, जिस पर प्रशासन की पैनी नजर है।







