Congress Strategy Meet: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और जमीनी पदाधिकारियों को एकजुटता का एक बड़ा और कड़ा संदेश दिया है। छत्तीसगढ़ में पार्टी को नए सिरे से मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'संगठन सृजन अभियान' के तहत रविवार को राजधानी रायपुर में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। इस हाई-प्रोफाइल शिविर में विशेष रूप से पहुंचे राहुल गांधी ने राज्य के सभी नवनियुक्त और वर्तमान जिलाध्यक्षों व वरिष्ठ नेताओं के साथ सीधे संवाद किया और उन्हें दो टूक शब्दों में गुटबाजी और आपसी मतभेदों से पूरी तरह दूर रहने की सख्त हिदायत दी।
प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि पार्टी का हित किसी भी व्यक्ति या गुट के हित से कहीं ऊपर है। उन्होंने नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि अगर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को वापस मजबूती से खड़ा करना है, तो सभी नेताओं को अपने निजी मतभेदों को भुलाकर एक जाजम पर आना होगा। राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों को जमीनी स्तर पर जाकर जनता के मुद्दों को उठाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुटबाजी न केवल संगठन को कमजोर करती है, बल्कि जनता के बीच भी गलत संदेश भेजती है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में राहुल गांधी के इस कड़े रुख के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर अंदरूनी खींचतान में लगे नेताओं को एक साफ और सीधा अल्टीमेटम मिल गया है। बैठक के दौरान प्रदेश प्रभारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) और पूर्व मुख्यमंत्री सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। राहुल गांधी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आगामी चुनावों और चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठन का ढांचा ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक बेहद पारदर्शी और मजबूत होना चाहिए। अब देखना होगा कि राहुल गांधी की इस नसीहत का छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी सियासत पर कितना असर पड़ता है।

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